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BAU Ranchi Smart Model: रांची की बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने पशुपालकों के लिए एक स्मार्ट मॉडल तैयार किया है. यह एक दो मंजिला शेड है. इसमें किसान एक साथ बकरी और मुर्गी पालन कर पाएंगे. इस मॉडल में दूध निकालने के लिए एक अलग क्षेत्र बनाया गया है. मात्र 10 डिसमिल जमीन में ही खेती और पालन की व्यवस्था है. किसान एक ही जगह पर बकरी और मुर्गी पालन कर सकते हैं. वे उनके अंडे और दूध बेचकर हर महीने जबरदस्त कमाई कर सकते हैं.
एग्रीकल्चर एक्सपर्ट कुलदीप ने इस विशेष मॉडल की जानकारी दी है. यह मॉडल मुख्य रूप से बकरी पालकों के लिए फायदेमंद है. इसके साथ ही इसमें मुर्गी पालन भी आसानी से किया जा सकता है. बाजार में बकरी का दूध बहुत महंगा बिकता है. इसके लिए बकरियों को अच्छे न्यूट्रिशन वाले घास की जरूरत होती है. इसलिए वैज्ञानिकों ने इस मॉडल में चार तरह की पौष्टिक घास को शामिल किया है.
इस मॉडल के तहत जमीन के चारों ओर चार तरह की सुपर घास उगाई जाएगी. इसमें सबसे पहले नेपियर घास लगाई जाएगी. दूसरा अजोला, तीसरा मोंबासा और चौथा स्टाइलो घास होगी. ये चारों तरह की घास बेहद पौष्टिक होती हैं. बकरियां यदि इसका थोड़ा सा भी सेवन करें, तो उनके शरीर में न्यूट्रिशन की कमी बिल्कुल नहीं होगी. इससे बकरियों में दूध का उत्पादन काफी अच्छी मात्रा में बढ़ जाएगा.
इस दो मंजिले शेड के किनारे एक पतला सा रास्ता बनाया गया है. इस रास्ते से बकरियां आसानी से ऊपर की तरफ जा सकती हैं. शेड की छत के ऊपर सोलर पैनल लगाए गए हैं. इससे किसानों को बिजली की कोई टेंशन नहीं रहेगी. सोलर पैनल की वजह से चारों तरफ की लाइटें सूर्य की रोशनी से ही जलेंगी.
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पशुओं के पानी पीने के लिए एक छोटा सा तालाब भी बनाया गया है. पूरे शेड को सुरक्षित लॉक करने के लिए इसमें मजबूत गेट और ताले भी लगाए गए हैं. एक्सपर्ट कुलदीप बताते हैं कि अब पशुपालकों को भी थोड़ा स्मार्ट बनना होगा. वे इस तरीके से बहुत अच्छी कमाई कर सकते हैं.
इसके लिए बस बकरी पालने के पुराने तरीके में थोड़ा बदलाव लाना होगा. किसानों को इसके दूध के सही मार्केट की पहचान करनी होगी, जहां अच्छे दाम मिल सकें. अक्सर पशुपालकों के पशु चोरी हो जाते हैं. गरीब किसानों के लिए यह नुकसान एक बड़े सदमे से कम नहीं होता है. ऐसे में यह सुरक्षित स्मार्ट शेड उनकी चोरी और कमाई जैसी कई बड़ी मुश्किलें आसान कर देगा.