रांची: झारखंड की राजधानी रांची और आसपास के ग्रामीण इलाकों में जमीन खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर है. अब जिले में जमीन का नया न्यूनतम मूल्य (Minimum Value Rate) 1 अगस्त से लागू होने जा रहा है. नई व्यवस्था के तहत रांची जिले के 1306 गांवों की जमीन की सरकारी मूल्यांकन दर में 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है. इसके साथ ही अब जमीन के साथ भवनों की रजिस्ट्री के लिए भी भवन का मूल्यांकन मांगा जाएगा. आइये जानते हैं इसके बारे में.
अब जमीन के साथ भवन की कीमत भी होगी दर्ज
नई गाइडलाइन के अनुसार अब रजिस्ट्री प्रक्रिया में सिर्फ जमीन का मूल्य ही नहीं, बल्कि उस पर बने भवन का न्यूनतम मूल्य भी शामिल किया जाएगा. इससे जमीन और भवन दोनों की कीमत सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होगी. जहां रजिस्ट्री विभाग ने इसके लिए भवनों की नई न्यूनतम मूल्य मार्गदर्शिका जारी कर दी है.
ग्रामीण क्षेत्र में भवनों की नई दरें तय
रांची जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बने भवनों के लिए नई न्यूनतम दर निर्धारित की गई है. इसके अनुसार डीलक्स भवन और अपार्टमेंट ₹2226 प्रति वर्गफीट, आरसीसी भवन ₹1294 प्रति वर्गफीट. वहीं, रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण (RRDA) क्षेत्र में भवनों की दर इससे अधिक रखी गई है.
RRDA क्षेत्र में बढ़ी भवनों की कीमत
RRDA क्षेत्र में नई न्यूनतम मूल्य मार्गदर्शिका के अनुसार डीलक्स भवन और अपार्टमेंट, ₹2444 प्रति वर्गफीट आरसीसी भवन ₹1493 प्रति वर्गफीट तय किया गया है. इस नई व्यवस्था के बाद RRDA क्षेत्र में मकान या फ्लैट की रजिस्ट्री कराने वालों को पहले की तुलना में अधिक मूल्यांकन देना पड़ सकता है.
बोड़ेया इलाके की जमीन रहेगी सबसे महंगी
नई सरकारी दरों में रांची के आसपास के कई इलाकों की जमीन काफी महंगी हो गई है. इनमें बोड़ेया क्षेत्र की जमीन को सबसे महंगी श्रेणी में रखा गया है. राजधानी से नजदीकी, बेहतर कनेक्टिविटी और तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के कारण यहां जमीन की मांग लगातार बढ़ रही है.
अब जमीन कारोबार पर पड़ेगा असर
जमीन की सरकारी दर बढ़ने से जहां सरकार को रजिस्ट्री से मिलने वाले राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है. वहीं, खरीदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि नई दर लागू होने के बाद जमीन और भवन खरीदने वालों को अब पहले से अधिक बजट तैयार करना होगा.
1 अगस्त से लागू होगी नई व्यवस्था
रजिस्ट्री विभाग की ओर से जारी नई गाइडलाइन 1 अगस्त से प्रभावी होगी. इसके बाद जमीन या भवन की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को नई न्यूनतम मूल्य दर के आधार पर ही प्रक्रिया पूरी करनी होगी. जहां अधिकारियों का कहना है कि नई दरें वर्तमान बाजार स्थिति और क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखकर तय की गई हैं.