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एक वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि राजधानी रांची की सड़कों पर युवाओं का जन सैलाब उमड़ पड़ा है. इसके आगे उन्होंने लिखा कि JPSC-JSSC परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ पूरे राज्य के युवा इस सरकार से आक्रोशित हैं.
रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और उड़ीसा के पूर्व राज्यपाल रघुबर दास ने JSSC-CGL परीक्षा घोटाले को जेपीएससी (JPSC) से भी बड़ा घोटाला बताते हुए हेमंत सोरेन सरकरा पर सवाल उठाया है. उन्होंने इस बारे में सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट भी किया. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा घोटाले के दौरान हेमंत सोरेन के करीबी के यहां से सीजीएल परीक्षा के कई एडमिट कार्ड मिले थे.
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) का मार्केटिंग मैनेजर भी पास होकर अधिकारी बन गया और उसके भैया भाभी भी. अब इससे बड़ा घोटाला क्या होगा? इतने बड़े घोटाले पर हेमंत सरकार चुप क्यों है?
एक वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि राजधानी रांची की सड़कों पर युवाओं का जन सैलाब उमड़ पड़ा है. इसके आगे उन्होंने लिखा कि JPSC-JSSC परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ पूरे राज्य के युवा इस सरकार से आक्रोशित हैं.
झारखंड में कथित JPSC और JSSC-CGL परीक्षा गड़बड़ी को लेकर सियासत तेज हो गई है. इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है. पार्टी ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग के साथ ही इस मुद्दे पर राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का भी ऐलान किया है. बीजेपी का कहना है कि JPSC और JSSC-CGL परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच सही दिशा में नहीं बढ़ रही है.
पार्टी का आरोप है कि राज्य सरकार जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है. इससे युवाओं को न्याय नहीं मिल पा रहा है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि झारखंड के छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके बावजूद सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है. पार्टी का आरोप है कि सरकार पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रही है.
नीट पेपर लीक मामले से तुलना
बीजेपी ने इस मुद्दे की तुलना नीट पेपर लीक मामले से भी की. पार्टी ने कहा कि केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक मामले में सख्त कदम उठाए थे. पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए कानून बनाने की पहल की गई. साथ ही परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए. बीजेपी का कहना है कि झारखंड सरकार की ओर से ऐसी कोई प्रभावी कार्रवाई देखने को नहीं मिली है. पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की जांच एजेंसी सीआईडी की जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता. बीजेपी का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केवल केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ही कर सकती है.
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