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गड़बड़ी मामले में सीआईडी को मिले नए साक्ष्य:अभय ने केंद्रीय प्रतियोगिता परीक्षा...




झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में धांधली की जांच कर रही सीआईडी को एक और चौंकाने वाला साक्ष्य मिला है। जांच एजेंसी को मिले गोपनीय इनपुट के अनुसार इस घोटाला के मास्टरमाइंड और विवादित परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी न सिर्फ राज्यस्तरीय परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के बल पर पास होता रहा, बल्कि उसने केंद्र सरकार की एक प्रमुख प्रतियोगी परीक्षा भी पास की थी। अब जांच एजेंसी इसकी गहनता से पड़ताल कर रही है कि क्या उसने केंद्र सरकार की परीक्षा में भी आपराधिक साठगांठ, डिजिटल हेरफेर या फर्जी दस्तावेज के सहारे से सफलता हासिल नहीं की। सीआईडी को इस संबंध में कुछ अत्यंत संवेदनशील दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं। इसकी प्रमाणिकता की पुष्टि के लिए तकनीकी और फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है। सीआईडी की शुरुआती जांच में पता चला है कि उसने झारखंड में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली सीजीएल परीक्षा , पीजीटी, एसीएफ, एफआरओ और एफएसओ परीक्षा पास की है। आज से शिकायतकर्ताओं का भी बयान दर्ज होगा
सीआईडी अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए सोमवार से उन शिकायतकर्ताओं का बयान दर्ज करेगी, जिन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय और पुलिस से जेपीएससी में गड़बड़ी की शि​कायत की थी। सीआईडी सबसे पहले सामाजिक कार्यकर्ता शिवशंकर शर्मा का बयान दर्ज करेगी, जिन्होंने इस साल फरवरी में नगड़ी थाने में एफआईआर के लिए लिखित आवेदन दिया था। उन्होंने अपनी शिकायत में परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल और रैकेट के प्रमुख सूत्रधार अभय तिवारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाया था। बताया था कि किस तरह नियमों को ताक पर रखकर टीडीपीएल को प्रश्न पत्रों की प्रिंटिंग से लेकर ओएमआर शीट की स्कैनिंग और रिजल्ट प्रोसेसिंग तक का पूरा गोपनीय काम सौंप दिया गया। इसके अलावा जिन अभ्यर्थियों व नागरिकों ने सीएम को शिकायत की थी, उनके बयान भी दर्ज कर इसे केस डायरी का हिस्सा बनाएगी। अभय सहित 3 को फिर रिमांड पर लेगी सीआईडी
पूरे नेटवर्क और मनी ट्रेल का खुलासा करने के लिए सीआईडी तीन प्रमुख आरोपियों को फिर रिमांड पर लेगी। टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी और तकनीकी प्रोग्रामर को सात दिन के रिमांड पर लेने के लिए सोमवार को कोर्ट में आवेदन देगी। कोर्ट की मंजूरी के बाद तीनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी, जिससे घोटाले की कई परतें खुलने की संभावना है।



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