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आज से झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र:JPSC-JSSC और नियोजन मुद्दे पर बहस...




झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू होने जा रहा है। सात दिन के निर्धारित सत्र में पांच दिन का कार्यदिवस होगा। सत्र का पहले दिन से हंगामेदार होने के आसार हैं। मानसून सत्र को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नियोजन के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। युवाओं और रोजगार से जुड़े इन संवेदनशील मुद्दों पर विपक्ष के तेवर आक्रामक रहने के संकेत हैं। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष भी जवाबी रणनीति तैयार कर चुका है। विपक्ष के हर आरोप का करारा जवाब देने की तैयारी में है। खासकर जेपीएससी के मुद्दे पर सरकार नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को हथियार बनाकर भाजपा पर पलटवार कर सकती है। ऐसे में पूरे सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच जोरदार राजनीतिक रस्साकशी देखने की संभावना है, जहां जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर तीखी बहस होगी। स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने की सर्वदलीय बैठक‎ सदन शुरू होने से एक दिन पहले विधानसभा‎ अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता ‎में गुरुवार को स्पीकर कक्ष में एक ‎उच्चस्तरीय सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक ‎में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, संसदीय कार्य‎मंत्री राधा कृष्ण किशोर और नेता प्रतिपक्ष‎ बाबूलाल मरांडी शामिल हुए। इनके‎ अलावा विधायक प्रदीप यादव, सुरेश‎ पासवान, अरूप चटर्जी, जयराम कुमार‎ महतो, निर्मल महतो समेत कई प्रतिनिधि‎ मौजूद रहे। अध्यक्ष ने सभी दलों से‎ संसदीय मर्यादा बनाए रखने और सकारात्मक सहयोग की अपील करते हुए‎ कहा कि सत्र छोटा होने के बावजूद‎ जनहित में समय का पूरा सदुपयोग होना‎ चाहिए। बैठक में विभिन्न समसामयिक ‎मुद्दों पर चर्चा कराने को लेकर विमर्श ‎हुआ, जिस पर अंतिम निर्णय कार्य मंत्रणा ‎समिति की बैठक में लिया जाएगा।‎ सात दिनों के सत्र में पांच ही कार्य दिवस 6 से 12 अगस्त तक प्रस्तावित इस संक्षिप्त सत्र में कुल सात दिन निर्धारित हैं, लेकिन शनिवार और रविवार के अवकाश के कारण केवल पांच कार्यदिवस ही उपलब्ध होंगे। सत्र की शुरुआत 6 अगस्त को नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण, अध्यादेश (यदि कोई हो) और शोक प्रकाश के साथ होगी।
7 अगस्त को प्रश्नकाल के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा। 8 और 9 अगस्त को साप्ताहिक अवकाश रहेगा। 10 अगस्त को प्रश्नकाल के बाद अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान होगा, जबकि 11 अगस्त को प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक और अन्य सरकारी कार्य निपटाए जाएंगे। 12 अगस्त को प्रश्नकाल के साथ राजकीय विधेयक, अन्य सरकारी कार्य और गैर-सरकारी संकल्प पर चर्चा होगी।



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