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जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन 15वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को मंत्रियों की समिति ने छात्रों के चार समूहों के साथ वार्ता की। इनमें जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच, झारखंड छात्र मोर्चा, आदिवासी छात्र संघ और एनएसयूआई के प्रतिनिधि शामिल हुए। वहीं मंत्रियों की समिति में उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा व श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव मौजूद थे। वार्ता के बाद मंत्रियों ने छात्रों के सुझावों से सीएम हेमंत सोरेन को अवगत कराया। इसके बाद सरकार ने रविवार दोपहर 12 बजे फिर छात्र समूहों को दूसरे दौर की वार्ता के लिए बुलाया। इसमें बड़ा फैसला होने की उम्मीद है। वहीं छात्र समूहों ने चेताया है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो सोमवार को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इसमें 50 हजार से ज्यादा छात्र शामिल होंगे। इसी बीच सरकार ने ई-मेल आईडी और फीडबैक नंबर जारी किया। इस पर लोगों से जेपीएससी-जेएसएससी में सुधार के लिए सुझाव मांगा है। छात्रों ने दिए ये सुझाव: जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षाओं में 2 ओएमआर शीट की व्यवस्था हो छात्र: जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षाओं में दो ओएमआर शीट की व्यवस्था लागू किया जाए। एक कॉपी एजेंसी के पास और एक कॉपी आयोग के पास रहेगी तो इससे गड़बड़ी होती भी है तो पकड़ में आएगी।
कमेटी: यह काफी अच्छा सुझाव है। इस पर काम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री को इससे अवगत कराया जाएगा।
छात्र: जेपीएससी में प्रीमियर सर्विस सिस्टम लागू किया जाना चाहिए। यूपी-बिहार में यह सिस्टम लागू है।
कमेटी: इस पर विचार किया जा सकता है। कमेटी आपकी बातों को ऊपर रखेगी।
छात्र: उत्पाद सिपाही में फिजिकल टेस्ट के दौरान जिन अभ्यर्थियों की मौत हो गई,उनके परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए। -शेष पेज 13 पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, सीबीआई जांच की मांग… 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। याचिका में 19 अप्रैल को हुई 14 वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र व निष्पक्ष व जांच कराने का आग्रह किया गया है। याचिका में विशेष रूप से प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया है। दीपिका बोलीं… छात्रों की मांगें जायज, जल्द समाधान निकलेगा वार्ता के बाद ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा-सरकार ने छात्रों की बातें गंभीरता से सुनी है। सरकार भी बच्चों के हित में चिंतित है। उनकी मांगें जायज मानती है और जल्दी ही इसका सकारात्मक समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन शुरू होने से पहले ही सरकार इस पर गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। सरकार छात्रों की सभी चिंताओं पर विचार कर रही है। उनके सुझाव सकारात्मक हैं। सुदिव्य बोले… संवाद के जरिए समाधान की दिशा में बढ़ रहे उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि हम छात्रों के विभिन्न समूहों से मिल रहे हैं। तमाम सुझावों के बाद फैसला लिया जाएगा। हमलोगों ने छात्रों के साथ अच्छे माहौल में बातचीत की। उनकी मांगों को समझा। सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्रों की मांगें जायज हैं और सरकार उनके समाधान के लिए काम कर रही है। संवाद, जांच और सुधार के रास्ते पर सरकार समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है।
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