रांची. झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया है. सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद विवाद का समाधान नहीं निकल सका है. छात्रों की सबसे बड़ी मांग JSSC-CGL समेत कथित अनियमितताओं की CBI जांच और संबंधित परीक्षाओं को रद्द करना है. इसी मांग को लेकर छात्र आज रांची में विधानसभा मार्च कर रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर प्रशासन ने विधानसभा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा का घेरा काफी मजबूत कर दिया गया है. कई जगहों पर बैरिकेडिंग के ऊपर कंटीले तार लगाए गए हैं. विधानसभा के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. IRB और QRT की टीमों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है. प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शनकारी विधानसभा परिसर के आसपास तक नहीं पहुंच सकें.
750 मीटर के दायरे में पाबंदी
प्रशासन ने विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की है. इस इलाके में पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ जुटने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन और धरना देने पर रोक है. विधानसभा की तरफ जाने वाले रास्तों पर भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है. कुछ इलाकों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला भी लिया गया है.
छात्रों की मांग पर अब भी पेच
छात्रों और सरकार के बीच बातचीत के कई दौर हो चुके हैं, लेकिन सबसे अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है. छात्रों की प्रमुख मांग JSSC-CGL समेत कथित अनियमितताओं से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करना और पूरे मामले की CBI जांच कराना है. छात्रों का कहना है कि सरकार ने परीक्षा सुधार से जुड़ी ज्यादातर मांगों को मानने की बात कही है, लेकिन परीक्षा रद्द करने और स्वतंत्र जांच की मांग पर अब भी स्थिति साफ नहीं है.
सरकार कह रही है, ज्यादातर मांगें मानीं
वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से छात्रों की कई मांगों पर सहमति जताई गई है. परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञों की मदद लेने और कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच की बात भी कही गई है. सरकार का कहना है कि छात्रों की बड़ी संख्या में मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं. लेकिन छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार जिन मांगों को स्वीकार करने का दावा कर रही है, उनकी स्थिति स्पष्ट तौर पर बताई जानी चाहिए.
17 दिन से आंदोलन, भूख हड़ताल भी जारी
दूसरी ओर CBI जांच की मांग को लेकर छात्र पिछले 17 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. विधानसभा मार्च से पहले उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए आंदोलन में शामिल होने वाले छात्रों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की है. उन्होंने कहा है कि पुलिस अगर रास्ता रोकती है तो टकराव से बचते हुए दूसरे रास्ते तलाशे जाएं.
सिर्फ तिरंगा लेकर पहुंचने की अपील
देवेंद्र नाथ महतो ने प्रदर्शनकारियों से किसी राजनीतिक दल या धार्मिक संगठन का झंडा नहीं लाने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि आंदोलन में केवल तिरंगा लेकर पहुंचें. उनका कहना है कि आंदोलन का मकसद छात्रों की मांगों को सरकार तक पहुंचाना है और इसे किसी राजनीतिक विवाद में नहीं बदलना चाहिए.
पुलिस भी हाई अलर्ट पर
जबकि, झारखंड पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकना नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना है. पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें और किसी तरह के टकराव से बचें. प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि विधानसभा मार्च के दौरान भीड़ को नियंत्रित रखा जाए और किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो.
आज तय होगा आंदोलन का अगला रुख
बहरहाल, एक तरफ छात्र अपनी मांगों को लेकर विधानसभा तक पहुंचने पर अड़े हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासन ने विधानसभा की सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं. ऐसे में आज का मार्च सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच शक्ति परीक्षण के तौर पर भी देखा जा रहा है. अब नजर इस बात पर है कि छात्र विधानसभा तक पहुंच पाते हैं या पुलिस की बैरिकेडिंग उन्हें रास्ते में ही रोक देती है.