भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

उम्र 60, हौसला जवान! 28 सालों से हर सावन बाबा भोलेनाथ के...


धनबाद: आस्था की कोई उम्र नहीं होती है. इसका जीता-जागता उदाहरण धनबाद की 60 वर्षीय रेणु देवी हैं. उम्र के इस पड़ाव पर जहां लंबी दूरी तय करना किसी चुनौती से कम नहीं, वहीं रेणु देवी पिछले 28 वर्षों से हर सावन सोमवार डाक बम बनकर सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंच रही हैं. पैरों में थकान हो या शरीर पर उम्र का असर, बाबा भोलेनाथ के प्रति उनकी अटूट आस्था हर मुश्किल को पीछे छोड़ देती है. आइये जानते हैं उनके बारे में.

1998 में लिया संकल्प, आज भी निभा रहीं

रेणु देवी की यह भक्ति यात्रा वर्ष 1998 में शुरू हुई थी. उसी साल उन्होंने संकल्प लिया था कि सावन के हर सोमवार सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर डाक बम के रूप में बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगी और बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगी. इसके बाद एक-एक कर 28 सावन बीत गए, लेकिन रेणु देवी का संकल्प आज तक नहीं टूटा. वह हर साल वह उसी श्रद्धा और विश्वास के साथ यात्रा पर निकलती हैं.

उम्र बढ़ी, लेकिन आस्था और मजबूत होती गई

सुल्तानगंज से देवघर तक की यात्रा आसान नहीं है. लंबा रास्ता, लगातार पैदल चलना और शरीर पर पड़ने वाली थकान किसी के भी हौसले की परीक्षा ले सकती है, लेकिन रेणु देवी के लिए बाबा की भक्ति इन सभी मुश्किलों से बड़ी है. वह कहती हैं कि जैसे ही डाक बम की वेशभूषा धारण करती हैं, उन्हें भीतर से एक अलग ऊर्जा महसूस होती है. यही ऊर्जा उन्हें हर साल यात्रा पूरी करने का हौसला देती है.

जत्थे के साथ निकलती हैं रेणु देवी

रेणु देवी अकेले इस यात्रा पर नहीं निकलतीं हैं. उनके साथ श्रद्धालुओं का पूरा जत्था रहता है. इस यात्रा के दौरान जत्थे के लोग उनका सहयोग करते हैं और कठिन रास्ते में उनका हौसला बढ़ाते हैं. उम्र के इस पड़ाव पर भी जिस तरह वह लगातार अपनी यात्रा पूरी करती हैं, वह उनके साथ चलने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है.

अपने लिए नहीं मांगतीं कोई मनोकामना

रेणु देवी की भक्ति की सबसे खास बात उनकी प्रार्थना है. वह बाबा भोलेनाथ से अपने लिए कोई विशेष मनोकामना नहीं मांगतीं हैं. उनका कहना है कि बाबा भोलेनाथ ने उन्हें अपना भक्त बनाया, इससे बड़ा आशीर्वाद उनके लिए कुछ नहीं हो सकता है. उनकी प्रार्थना है कि बाबा की कृपा हर व्यक्ति और हर परिवार पर बनी रहे, सभी लोग स्वस्थ रहें और हर घर में सुख-शांति रहे.

28 साल की यात्रा, एक ही विश्वास

रेणु देवी के लिए सुल्तानगंज से देवघर तक की यह यात्रा महज पैदल सफर नहीं है. यह पिछले 28 वर्षों से निभाए जा रहे उस संकल्प की कहानी है, जिसे उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है. जहां 60 साल की उम्र में भी हर सावन उनके कदम बाबा धाम की ओर बढ़ते हैं और उनकी आस्था उन्हें यह विश्वास देती है कि जब बुलावा बाबा का हो, तो उम्र और थकान जैसी कोई बाधा बड़ी नहीं होती है.



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top