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Jharkhand student protest: रांची में छात्र आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इसी कड़ी में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. जानकारी के अनुसार, कई गाड़ियों में अतिरिक्त जवान मौके पर पहुंचाए गए हैं और प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शनकारी किसी भी स्थिति में मुख्यमंत्री आवास की ओर आगे न बढ़ सकें.
रांची में मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा बढ़ाई गई
रांची. झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन अब नया मोड़ लेता जा रहा है. छात्रों के मुख्यमंत्री आवास के संभावित घेराव की खुफिया सूचना के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. सुरक्षा के लिहाज से रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास के चारों तरफ सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है. पूरे इलाके को एक तरह से पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या कानून व्यवस्था बिगड़ने के खतरे से निपटा जा सके. जानकारी के अनुसार, राज्य के कई जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल रांची बुलाया गया है. झारखंड जगुआर और JAP के जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है. वहीं आंदोलन खत्म कराने को लेकर प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत का दौर भी लगातार जारी है.
सूचना भवन जाने वाले रास्ते पर भी बैरिकेडिंग
सूचना भवन की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग की गई है. पुलिसकर्मियों की तैनाती कर आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है. कांके रोड और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भी पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है और बैरिकेडिंग कर रास्तों को नियंत्रित किया जा रहा है. हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था का असर आम लोगों के आवागमन पर भी दिखाई दे रहा है.प्रशासन की ओर से यह कदम संभावित प्रदर्शन और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है. पुलिस की कोशिश है कि आंदोलन के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो.
झारखंड जगुआर और JAP के जवान भी मोर्चे पर
सिर्फ रांची पुलिस पर सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं छोड़ी गई है. राज्य के दूसरे जिलों से भी पुलिसकर्मियों को रांची बुलाया गया है. झारखंड जगुआर और JAP के जवानों की भी तैनाती की गई है. इससे साफ है कि प्रशासन JPSC-JSSC आंदोलन को लेकर किसी भी संभावित स्थिति से निपटने की तैयारी में है. खासकर मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा को लेकर पुलिस किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती.
क्यों आक्रोशित हैं झारखंड के छात्र?
यह मुद्दा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई से कराने की मांग को लेकर हो रहा है. छात्र नेताओं और अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं में से एक में बड़े पैमाने पर धांधली और पेपर लीक जैसी घटनाएं हुई हैं. इसी मांग को लेकर छात्र पिछले कई दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, जो अब मुख्यमंत्री आवास घेराव की चेतावनी तक पहुंच चुका है.
आंदोलन खत्म कराने के लिए बातचीत भी जारी
एक तरफ पुलिस बल बढ़ाया जा रहा है तो दूसरी तरफ प्रशासन छात्रों के साथ बातचीत के जरिए आंदोलन खत्म कराने की कोशिश कर रहा है. छात्रों की प्रमुख मांगों को लेकर पहले भी सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत हो चुकी है. लेकिन कई मुद्दों पर सहमति नहीं बनने के कारण आंदोलन जारी है. छात्रों की मांग है कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो और भर्ती प्रक्रिया में जरूरी सुधार किए जाएं.
अब नजर छात्रों के अगले कदम पर
रांची में सुरक्षा बढ़ाए जाने के बाद अब सबसे ज्यादा नजर छात्रों के अगले कदम पर है. अगर प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ते हैं तो पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती होगी. वहीं सरकार के लिए भी यह परीक्षा की घड़ी है कि बातचीत के जरिए आंदोलन को समाप्त कराया जा सके. फिलहाल राजधानी में एक तरफ छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासन ने संभावित घेराव को देखते हुए सुरक्षा का घेरा और मजबूत कर दिया है. ऐसे में आने वाले घंटों में JPSC-JSSC आंदोलन का रुख क्या रहता है, इस पर सबकी नजर है.
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