नई दिल्ली (GK Difference Between Pair Chuna and Charan Sparsh). भारतीय समाज में बचपन से ही बड़ों का सम्मान करने और उनके पैर छूने की परंपरा सिखाई जाती है. जब भी घर में कोई मेहमान आए, कोई शुभ काम हो या त्योहार हो, हम तुरंत झुककर बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आम बोलचाल में इस्तेमाल होने वाले दो शब्द- ‘पैर छूना’ और ‘चरण स्पर्श’ करना- क्या दोनों सच में एक ही हैं?
‘पैर छूना’ और ‘चरण स्पर्श’ में क्या अंतर है?
‘पैर छूना’ जल्दबाजी में की गई औपचारिक प्रक्रिया बन चुका है. इसमें लोग बिना झुके सिर्फ बड़ों के घुटने, पिंडली या जूते-चप्पल छू लेते हैं. वहीं ‘चरण स्पर्श’ बेहद पवित्र और आध्यात्मिक प्रक्रिया है. ‘चरण’ का मतलब होता है पैर के तलवे/अंगूठा और ‘स्पर्श’ का मतलब होता है पूरी श्रद्धा से छूना. शास्त्रों के अनुसार, जब तक आप अपने हाथों से सामने वाले व्यक्ति के पैर के अंगूठे या तलवों को नहीं छूते, तब तक चरण स्पर्श पूरा नहीं माना जाता.
चरण स्पर्श करने का सही नियम क्या है?
चरण स्पर्श का सबसे पहला नियम है- सही मुद्रा में झुकना. शास्त्रों के मुताबिक, चरण स्पर्श करते समय क्रॉस-हैंड तकनीक अपनानी चाहिए.. यानी दाएं हाथ से सामने वाले का दायां पैर और बाएं हाथ से उनका बायां पैर छुआ जाना चाहिए. जब आपके हाथ क्रॉस होते हैं तो आपके शरीर का चक्र पूरा होता है. इसके साथ ही मन में बड़ों के प्रति सच्चा आदर और हाथ जोड़कर झुकने की नम्रता होनी चाहिए.
इसके पीछे है हैरान करने वाली साइंस
हमारा शरीर बायो-इलेक्ट्रिक मैग्नेटिक एनर्जी (Bio-electric Magnetic Energy) का जरिया है. इंसानी शरीर में सिर को पॉजिटिव पोल और पैरों को नेगेटिव पोल माना जाता है. जब झुककर किसी बुजुर्ग के पैर के अंगूठे छूते हैं तो आपके हाथों की उंगलियों से सामने वाले के पैरों के जरिए एक एनर्जी सर्किट पूरा होता है. इससे बुजुर्ग के शरीर की पॉजिटिव वाइब्स और आशीर्वाद आपके अंदर प्रवाहित होने लगता है.
सेहत और दिमाग को मिलते हैं कई फायदे
विज्ञान के नजरिए से देखें तो झुककर सही तरीके से चरण स्पर्श करना बेहतरीन स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज भी है. जब आप रीढ़ की हड्डी को मोड़कर झुकते हैं तो इससे कमर, गर्दन और दिमाग में ब्लड सर्कुलेशन (रक्त संचार) बेहतर होता है. इसके अलावा, झुकने से इंसान का अहंकार (Ego) खत्म होता है, जिससे मानसिक शांति मिलती है.
अगली बार जब भी किसी बड़े का आशीर्वाद लें तो सिर्फ फॉर्मेलिटी के लिए पैर न छुएं, बल्कि सही तरीके से ‘चरण स्पर्श’ करके पूरी पॉजिटिव एनर्जी हासिल करें.