भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

71% of paddy transplantation completed in the district, only 82.96 mm of...



जिले में खरीफ फसलों की खेती लक्ष्य की तुलना में अलग-अलग गति से चल रही है। 14 अगस्त तक मक्का की बुआई 80.75 प्रतिशत और धान की रोपनी 71.98 प्रतिशत लक्ष्य तक पहुंच गई है। वहीं दलहन, मोटे अनाज और तेलहन की खेती अब भी लक्ष्य से काफी पीछे है।

.

अगस्त में सामान्य से कम बारिश होने के कारण खरीफ फसलों की खेती पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश से किसानों को कुछ राहत मिली है। जिले में इस खरीफ मौसम में 52 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध 14 अगस्त तक 71.98 प्रतिशत क्षेत्र में धान की रोपनी पूरी कर ली गई है। लगातार पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण कई किसानों को सिंचाई के वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से झारखंड में बारिश का दौर जारी है। विभाग ने 17 अगस्त तक जिले में भारी बारिश की संभावना को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मक्का की बुआई सबसे बेहतर, तेलहन की खेती महज 21.51 प्रतिशत फसलवार आंकड़ों के अनुसार मक्का की बुआई सबसे बेहतर स्थिति में है। निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 80.75 प्रतिशत क्षेत्र में मक्का की खेती हो चुकी है। इसके बाद धान की उपलब्धि 71.98 प्रतिशत रही। वहीं कुल दलहन की बुआई 31.38 प्रतिशत और मोटे अनाज की खेती 40.53 प्रतिशत लक्ष्य तक ही पहुंच सकी है। तेलहन की खेती की स्थिति सबसे कमजोर है। जिले में 860 हेक्टेयर क्षेत्र में तेलहन की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक केवल 185 हेक्टेयर में ही खेती हो सकी है। यह लक्ष्य का महज 21.51 प्रतिशत है। कृषि विभाग की ओर से किसानों को खरीफ फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने और निर्धारित लक्ष्य हासिल करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अगस्त में सामान्य से 219.64 मिमी कम बारिश जिले में अगस्त महीने में सामान्य तौर पर 302.60 मिमी बारिश होनी चाहिए, लेकिन अब तक केवल 82.96 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इस तरह सामान्य बारिश की तुलना में जिले में 219.64 मिमी कम बारिश हुई है। बारिश की कमी से खरीफ फसलों की खेती प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। कई दिनों से जारी उमस और गर्मी के बीच शुक्रवार को मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ी। दोपहर बाद जामताड़ा जिले के विभिन्न इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। इससे जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं कई स्थानों पर जलजमाव के कारण परेशानी भी हुई। दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश से मौसम सुहाना बना रहा। बारिश से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए यह बारिश काफी उपयोगी साबित होगी। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से धान की रोपनी और फसल के विकास में तेजी आने की उम्मीद है। किसानों ने बारिश के बाद बेहतर पैदावार की संभावना जताई है।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top