Last Updated:
Bokaro Farmer Siyaram Success: बोकारो जिले में खेती-किसानी अब सिर्फ धान और पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं रही है. बल्कि अब किसान कम समय और कम लागत वाली फसलों की खेती कर बेहतर आमदनी का जरिया तलाश रहे हैं. इसका बेहतरीन उदाहरण जरीडीह प्रखंड के तातरी गांव के किसान सियाराम मिश्रा हैं, जो मक्का की खेती से अच्छी कमाई कर स्थानीय किसानों के लिए मिसाल पेश कर रहे हैं. महज 60 डिसमिल जमीन में मक्का की खेती कर सियाराम मिश्रा करीब 3 महीने में अच्छी पैदावार हासिल कर मोटी आमदनी कमा रहे हैं.
किसान सियाराम मिश्रा बताते हैं कि वह अपने बाप-दादा को देखकर बचपन से ही खेती करते आ रहे हैं. इस बार उन्होंने मई महीने में 60 डिसमिल जमीन पर मक्का की खेती शुरू की. उनके मुताबिक, मक्का की फसल करीब 80 से 100 दिनों यानी लगभग 3 महीने में तैयार हो जाती है. यही वजह है कि कम समय में तैयार होने वाली इस फसल को किसान आसानी से अपनी खेती का हिस्सा बना सकते हैं.
सियाराम मिश्रा के अनुसार, 60 डिसमिल जमीन में मक्का की खेती करने में करीब 10 हजार रुपये की लागत आई. वहीं, अच्छी देखरेख के बाद इस जमीन से उन्हें करीब 40 से 50 क्विंटल तक मक्का का उत्पादन मिलने की उम्मीद है.
उन्होंने बताया कि वर्तमान में स्थानीय बाजार में मक्का का भाव करीब 20 रुपये प्रति किलो है. ऐसे में अगर 50 क्विंटल उत्पादन 20 रुपये प्रति किलो की दर से बिकता है, तो कुल बिक्री करीब 1 लाख रुपये होगी.
Add News18 as
Preferred Source on Google
इसमें करीब कुल 15 हजार रुपये की लागत घटाने के बाद लगभग 85 हजार रुपये का शुद्ध लाभ बच सकता है. आखिर में किसान सियाराम मिश्रा बताते हैं कि मक्का की फसल में आमतौर पर कीड़ों का प्रकोप ज्यादा नहीं रहता, लेकिन समय-समय पर खेत की निगरानी करना जरूरी है.
यदि फसल में कीट का प्रकोप दिखाई दे तो कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार उचित कीटनाशक का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा खेत में जलभराव न होने देना और खरपतवार को समय पर नियंत्रित करना भी जरूरी है.