Last Updated:
Kendrapara Flood Latest News: ओडिशा के केंद्रपाड़ा में बाढ़ से कुलासाही सेवाश्रम स्कूल में 300 से अधिक बच्चे फंसे हुए हैं. स्कूल परिसर पानी में डूबा और स्कूल जाने वाली मेन सड़क का रास्ता भी पानी की वजह से कट गया है. अब बच्चों को स्कूल से निकालने का बचाव कार्य जारी है.
ओडिशा के एक स्कूल में पानी भरने की वजह से 300 बच्चे फंसे (फोटो: सोशल मीडिया)
केंद्रपाड़ा: ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में बाढ़ ने ऐसा कहर बरपाया है कि एक रेजिडेंशियल स्कूल ही पानी के बीच घिर गया. पट्टामुंडई ब्लॉक के कुलासाही सेवाश्रम स्कूल में 300 से ज्यादा बच्चे फंसे हुए हैं. स्कूल का कैंपस, हॉस्टल, क्लासरूम ही नहीं, बल्कि किचन, टॉयलेट और आने-जाने वाली मुख्य सड़क तक पानी में डूब गई है. हालात ऐसे हैं कि बच्चों को बाहर निकालना भी आसान नहीं है. लगातार बारिश और रेंगाली बांध के गेट खोले जाने के बाद ब्राह्मणी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा. नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी और देखते ही देखते बाढ़ का पानी स्कूल परिसर में घुस गया. अब स्कूल का आसपास के इलाकों से संपर्क लगभग टूट गया है.
क्लासरूम से हॉस्टल तक पानी ही पानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रविवार सुबह तक स्कूल परिसर में पानी सिर्फ टखने तक था, लेकिन इसके बाद जलस्तर तेजी से बढ़ा. कुछ घंटों में पानी 8 से 10 फीट तक पहुंच गया. स्थानीय युवक रश्मिरंजन मोहंती ने बताया कि ब्राह्मणी नदी का पानी अचानक तेज बहाव के साथ स्कूल की ओर आया. स्कूल में पढ़ने वाले 300 से ज्यादा छोटे बच्चे फिलहाल सेवाश्रम के हॉस्टल में फंसे हुए हैं. बच्चों को बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोग और स्कूल प्रशासन प्रशासन से तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने की मांग कर रहे हैं.
सड़क डूबी, किचन-टॉयलेट भी पानी में
बाढ़ का पानी सिर्फ स्कूल के कमरों तक ही नहीं पहुंचा, बल्कि स्कूल की जरूरी सुविधाएं भी इसकी चपेट में आ गई हैं. स्कूल तक जाने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई है. ऐसे में सामान्य वाहनों का स्कूल तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. स्कूल के पास मौजूद ट्यूबवेल, किचन और टॉयलेट भी पानी में डूब चुके हैं. स्थानीय निवासी प्रताप पाढ़ी के मुताबिक, स्कूल में रखा खाना खराब होने का खतरा है और बच्चों के लिए साफ पीने का पानी भी बड़ी चिंता बन गया है. बिजली सप्लाई बंद होने से बच्चों को अंधेरे में भी रहना पड़ रहा है. बाढ़ के पानी में सांप और दूसरे जहरीले जीव आने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है.
हॉस्टल से निकालना मुश्किल, वहीं रखने की तैयारी
स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों की ओर से बचाव अभियान शुरू करने की मांग के बीच पट्टामुंडई के BDO शीतल अग्रवाल ने कहा कि करीब 300 बच्चों को हॉस्टल से दूसरी जगह ले जाना इस समय काफी मुश्किल है. उन्होंने बताया कि फिलहाल बच्चों को हॉस्टल में ही सुरक्षित रखने के इंतजाम किए जा रहे हैं. बच्चों के लिए पानी की बोतलें पहुंचाई जा रही हैं और खाने-पीने की व्यवस्था भी की जाएगी. रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल के पास ODRAF की टीम तैनात की गई है.
माता-पिता की बढ़ी चिंता, बोले- बच्चों को तुरंत निकालें
बाढ़ का पानी और नदी का तेज बहाव देखकर बच्चों के माता-पिता भी परेशान हैं. स्थानीय लोगों के लिए भी स्कूल तक पहुंचना जोखिम भरा हो गया है. एक छात्र के पिता मृत्युंजय साहू ने कहा कि नदी की तेज धारा के कारण लोग स्कूल के पास जाने से डर रहे हैं. अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है. स्कूल के हेडमास्टर और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी ने प्रशासन से पावरबोट और ODRAF या NDRF की टीम तैनात करने की मांग की है. उनका कहना है कि सभी बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाना चाहिए.
बचाव में देरी हुई तो बिगड़ सकते हैं हालात
स्थानीय लोगों को डर है कि अगर पट्टामुंडई ब्लॉक प्रशासन और जिला आपातकालीन अधिकारी राहत और बचाव कार्य में तेजी नहीं लाते हैं तो स्थिति और गंभीर हो सकती है. फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती 300 से ज्यादा बच्चों को सुरक्षित रखना, पीने का पानी और भोजन उपलब्ध कराना और बाढ़ के बीच स्कूल तक राहत सामग्री पहुंचाना है. स्कूल के चारों तरफ पानी और तेज बहाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन भी आसान नहीं होगा. अब नजर प्रशासन की ओर से चलाए जाने वाले राहत और बचाव अभियान पर है.
About the Author
अरुण बिंजोला वर्तमान में News18 हिंदी में एसोसिएट एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वह करीब 19 वर्षों से काम कर रहे हैं, जिसमें 13 वर्षों से अधिक समय डिजिटल मीडिया में बी…
और पढ़ें
खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव
QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें