जिस वक्त जंतर मंतर पर पुलिस के एक्शन को लेकर इंडी वाले अमित शाह को घेर रहे थे. एक पूरा संसद सत्र हंगामे में चला गया. इंडी वाले ये पूछ रहे थे कि नरेंद्र मोदी-अमित शाह कहां है. अब इन्हें इस बात का भी जवाब मिल गया कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह कहां थे. जिस वक्त ये सब लोग बवाल कर रहे थे, उस वक्त नरेंद्र मोदी और अमित शाह देश को एक भयानक हमले से बचाने में जुटे थे. जिस वक्त राहुल गांधी और इंडी के दूसरे नेता अमित शाह को घेर रहे थे. उल्टे सीधे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे. उस वक्त अमित शाह रात रातभर जागकर 14 राज्यों में आतंकी नेटवर्क का सफाया करने वाले ऑपरेशन को मॉनिटर कर रहे थे.
अमित शाह ने होम सेक्रेटरी, IB चीफ और RAW चीफ के साथ संसद भवन में देर रात तक बैठकें की. इसका सिर्फ एक मकसद था स्वतंत्रता दिवस पर भारत के गौरव को बचाए रखा. बड़े आतंकी हमले की साजिश का भंडाफोड़ करना, जिसके लिए 14 राज्यों में रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग सिस्टम के साथ छापेमारी की गई. इस ज्वाइंट ऑपरेशन में अलग अलग जगहों से 253 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया. जांच के बाद 80 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं और 200 से ज्यादा ISI के संदिग्ध ऑपरेटिव गिरफ्तार किए गए. सूत्रों के मुताबिक अमित शाह ने पूरी कार्रवाई की मिनट टू मिनट मॉनिटरिंग की.
भयानक आतंकी हमले से कैसे बचा भारत?
एक बड़े भयानक हमले से देश कैसे बचा, इसकी गजब की इनसाइड स्टोरी है. आप ये देखिए कि कुछ दिन पहले जिस वक्त पूरा देश आजादी का जश्न मनाने की तैयारियों में जुटा था. इसी दौरान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का पाला हुआ आतंकी शहजाद भट्टी एक साथ कई जगहों को दहलाने की साजिश में जुटा था. इसके लिए सोशल मीडिया के जरिये आतंकियों की भर्ती हो चुकी थी. आतंकियों को ट्रेनिंग भी दी चा चुकी थी. अलग-अलग टारगेट्स की लिस्ट भी सौंपी जा चुकी थी.
लेकिन उससे पहले ही इस टेरर नेटवर्क पर सर्जिकल स्ट्राइक हो गई. ISI के आतंकी शहजाद भट्टी का पूरा टेरर नेटवर्क एक झटके में ध्वस्त कर दिया गया. 14 राज्यों में फैल चुके टेरर नेटवर्क की कमर तोड़ दी गई. आप देखिए किस राज्य से शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े कितने संदिग्ध ऑपरेटिव पकड़े गए. शुरुआती जांच के बाद इस मामले में 80 FIR दर्ज की गईं और 200 से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया. यूपी से 62, हरियाणा से 52, दिल्ली से 51, पंजाब से 44 , राजस्थान से 15 , महाराष्ट्र से 8, उत्तराखंड से 5, कर्नाटक, गुजरात और बिहार से 3-3, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और केरल से 2-2 संदिग्ध पकड़े गए.
ISI के इस शहजाद भट्टी टेरर नेटवर्क ने 15 अगस्त के दौरान किस तरह भयानक आतंकी हमलों से देश को दहलाने की साजिश तैयार की थी. इस नेटवर्क के जिन आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है. उनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए हैं, जिसमें IED और पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड भी शामिल हैं. इसके अलावा पिस्तौल, बड़ी संख्या में गोलियां भी बरामद की गई हैं. यही नहीं ISI के इन ऑपरेटिव्स के पास से जासूसी में इस्तेमाल होने वाले CCTV कैमरे भी मिले हैं.
अमित शाह ने क्या बताया?
जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान के इशारे पर चलने वाला ये शहजाद भट्टी नेटवर्क कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है. जब देश को आतंकी हमले से बचाने वाला ऑपरेशन पूरी तरह कामयाब हो गया. टेरर मॉड्यूल से जुड़े संदिग्धों को दबोच लिया गया. देश ने आजादी का जश्न मना लिया. उसके बाद खुद गृह मंत्री अमित शाह ने पूरे ऑपरेशन की जानकारी दी.
अमित शाह ने बताया, ‘मोदी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI समर्थित आतंकी समूह ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ को खत्म कर दिया और 200 से ज्यादा सदस्यों को गिरफ्तार कर के बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया.’
आगे अमित शाह ने बताया कि सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में अलग अलग जगह पर एक साथ ऑपरेशन चलाकर इस नेटवर्क को ध्वस्त किया, जो आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ का बेहतरीन उदाहरण है.’
क्या कह रहा पाकिस्तान?
इधर अमित शाह ने पाकिस्तान की आतंकी साजिश का पूरी दुनिया के सामने भंडाफोड़ किया. पाकिस्तान के आतंकी चेहरे को बेनकाब किया. तो पाकिस्तान तिलमिला गया. पाकिस्तान के आतंक पर जब भी प्रहार होता है तो पाकिस्तान कन्नी काट लेता है और इन सब बातों से ही इनकार कर देता है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ‘पाकिस्तान भारत के गृह मंत्री के उन आरोपों को पूरी तरह खारिज करता है, जिनमें पाकिस्तान को भारत में हुई कुछ गिरफ्तारियों से जोड़ने की कोशिश की गई है. इस तरह का प्रोपगैंडा पाकिस्तान के खिलाफ भारत के उस दुर्भावनापूर्ण अभियान का एक और उदाहरण है. जिसका मकसद अपनी घरेलू सुरक्षा चुनौतियों से ध्यान हटाना और घरेलू राजनीतिक फायदे के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराना है.’
पाकिस्तान के इस बयान पर भारत के विदेश मंत्रालय ने भी पलटवार करने में देर नहीं लगाई और दो टूक कह दिया की आतंक और आतंकियों के सफाए के लिए इस तरह के ऑपरेशन आगे भी जारी रहेंगे.
शहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क का खुलासा होने पर पाकिस्तान को क्यों बौखला गया है. इसके लिए शहबाज भट्टी की टेरर कुंडली को समझना जरूरी है. खुफिया सूत्रों के मुताबिक खुद को सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर बताने वाला आतंकी शहजाद भट्टी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का मोहरा है. ISI की मदद से शहजाद भट्टी ने इस्लामाबाद में एक कॉल सेंटर भी खोला है. इसी टेरर कॉल सेंटर में बैठकर शहजाद भट्टी के गुर्गे सोशल मीडिया के जरिए भारत में युवाओं से संपर्क साधते हैं. अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रोफाइल देखने के बाद प्राइवेट चैट के जरिए संपर्क शुरू करते हैं. इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उन्हें शहजाद भट्टी के हैंडलर्स के साथ जोड़ा जाता है. शुरुआत में बरगालए गए युवाओं से छोटे मोटे काम करवाए जाते हैं. जैसे किसी जगह की रेकी करके फोटो या वीडियो भेजना. एक बार भरोसा बनने के बाद उन्हें आतंकी गतिविधियों में शामिल कर लिया जाता है. इससे पहले भी शहजाद भट्टी टेरर नेटवर्क भारत में अलग अलग जगहों पर ग्रेनेड, IED, पेट्रोल बम हमले और टारगेटेड किलिंग करवा चुका है.