नोएडा: नोएडा में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इसका सीधा असर शहर के ट्रैफिक और पर्यावरण पर दिखाई दे रहा है. जैसे-जैसे निजी वाहनों का उपयोग बढ़ रहा है, सड़कों पर दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है. यहां पेट्रोल वाहनों की संख्या सबसे अधिक है, जिससे ईंधन की खपत और प्रदूषण की समस्या और गंभीर होती जा रही है. बढ़ते वाहनों के कारण जाम की स्थिति आम होती है और लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
शहर में कुल 12,88,594 वाहन
नोएडा में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब शहर में कुल 12,88,594 वाहन पंजीकृत हैं. वाहनों की बढ़ती संख्या का सीधा असर शहर के ट्रैफिक, पार्किंग और पर्यावरण पर दिखाई दे रहा है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नोएडा में सबसे ज्यादा 7,36,501 दोपहिया वाहन हैं, जबकि 4,05,307 निजी चार पहिया वाहन पंजीकृत हैं. यानी सिर्फ इन दोनों श्रेणियों में ही 11,41,808 वाहन हैं. इसके अलावा 31,817 माल वाहन, 21,248 यात्री वाहन यानी टैक्सी और 18,343 ऑटो रिक्शा भी शहर के वाहन बेड़े का हिस्सा हैं. वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या के चलते शहर की सड़कों और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव भी बढ़ रहा है.
9,55,149 पेट्रोल के वाहन
अगर ईंधन के हिसाब से वाहनों की संख्या देखें तो नोएडा में पेट्रोल वाहन सबसे ज्यादा हैं. कुल 12,88,594 वाहनों में 9,55,149 पेट्रोल वाहन हैं. इसके बाद 1,37,400 सीएनजी वाहन और 1,33,676 डीजल वाहन हैं. वहीं 62,369 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं. आंकड़ों से साफ है कि शहर में पेट्रोल वाहनों की संख्या बाकी ईंधन श्रेणियों के मुकाबले काफी अधिक है. कुल वाहनों में पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी करीब 74.1 प्रतिशत बैठती है. वहीं सीएनजी वाहनों की हिस्सेदारी करीब 10.7 प्रतिशत, डीजल वाहनों की करीब 10.4 प्रतिशत और इलेक्ट्रिक वाहनों की करीब 4.8 प्रतिशत है.
क्रमवार आंकड़ों में नोएडा में 28,023 ई-रिक्शा, 14,908 इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा और 3,290 व्यावसायिक दोपहिया वाहन भी शामिल हैं. इसके अलावा शहर में 4,571 बस, 2,102 स्कूल बस, 636 एम्बुलेंस, 11,537 कृषि ट्रैक्टर, 5,297 थ्री-व्हीलर गुड्स वाहन और 5,014 अन्य वाहन दर्ज हैं. ये आंकड़े बताते हैं कि नोएडा में निजी वाहनों के साथ-साथ व्यावसायिक और सार्वजनिक उपयोग वाले वाहनों की संख्या भी काफी बड़ी है. खासतौर पर दोपहिया और निजी कारों की बड़ी संख्या शहर में रोजाना होने वाले आवागमन का दबाव बढ़ाती है.
हर साल 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ रहे है वाहन
वाहनों की संख्या में हर साल करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने से आने वाले वर्षों में नोएडा की सड़कों पर दबाव और बढ़ने की आशंका है. ऐसे में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, पैदल और साइकिल यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की जरूरत और महत्वपूर्ण हो जाती है. मौजूदा आंकड़ों में 9.55 लाख से अधिक पेट्रोल वाहन होना पर्यावरण के लिहाज से भी बड़ी चुनौती है. हालांकि 62,369 इलेक्ट्रिक वाहन और 1,37,400 सीएनजी वाहन यह संकेत देते हैं कि वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की मौजूदगी भी बढ़ रही है.