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जिले में पेयजलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्वच्छता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन समिति (डीडब्ल्यूएससी) की बैठक हुई। बैठक में पीएचईडी की विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं, चापाकलों की स्थिति, हर घर जल योजना और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कार्य में रुचि नहीं लेने वाली एजेंसियों को चिह्नित कर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं की नियमित निगरानी के लिए सहायक अभियंता, कनीय अभियंता और प्रखंड समन्वयकों को क्षेत्र में जाकर कार्यों का पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्राम स्तर पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों को मिशन मोड में संचालित करने का निर्देश दिया गया। ओडीएफ स्थायित्व, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन, माहवारी स्वच्छता, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, गोबरधन और जनजागरूकता अभियान को गति देने पर जोर दिया गया। ग्राम पंचायतों में नाडेप, वर्मी कंपोस्ट, कंपोस्ट पीट, सोक पीट, नाली, भस्मीकरण इकाई, प्लास्टिक संग्रहण संरचना और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई विकसित करने के निर्देश दिए गए। व्यक्तिगत, क्लस्टर और सामुदायिक स्तर पर गोबर गैस प्लांट को भी बढ़ावा देने को कहा गया। उपायुक्त ने शौचालय सुविधा से वंचित योग्य एवं जरूरतमंद परिवारों को चिह्नित कर योजना का लाभ दिलाने का निर्देश दिया। विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि लोगों को समय पर पानी मिले, ताकि उन्हें जलकर के रूप में निर्धारित राशि के भुगतान में परेशानी नहीं हो। जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने और खराब व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया। चापाकल खराब होने से संबंधित शिकायतों का भी अविलंब समाधान करने को कहा गया। उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता पीएचईडी को योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी राम प्रवेश राम, सहायक अभियंता, जिला समन्वयक, कनीय अभियंता, प्रखंड समन्वयक समेत संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
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