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दुमका के रानेश्वर प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषाहार सप्लाई करने वाले दुकानदारों की कथित अनियमितताएं शुक्रवार को हुए औचक निरीक्षण में सामने आईं। उपायुक्त के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-बाल विकास परियोजना पदाधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने विभिन्न पंचायतों में पोषाहार आपूर्तिकर्ता दुकानों की जांच की। इस दौरान कई दुकानों के संचालन और बिलिंग व्यवस्था में गंभीर खामियां मिलीं। जीवनपुर मोड़ स्थित शंकर भंडार की जांच में सामने आया कि दुकान के नाम पर अलग से कोई प्रतिष्ठान संचालित नहीं हो रहा था। बताया गया कि एक व्यक्ति ने महज एक कमरा किराए पर लेकर उसमें सामान रखा हुआ है। निरीक्षण के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि इसी शंकर भंडार के नाम से हर माह करीब चार लाख रुपये का अभिश्रव आंगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से कार्यालय को उपलब्ध कराया जा रहा है।जांच के दौरान सिंह किराना स्टोर और रिया स्टोर को भी जांच के दायरे में लिया गया। पड़ताल में सामने आया कि कई दुकानें नियमित रूप से संचालित नहीं होतीं। इनके नाम से जारी अभिश्रव पर मोबाइल नंबर और जीएसटी नंबर भी दर्ज नहीं थे। इससे आपूर्ति और बिलिंग व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। जांच के बाद संबंधित सभी दुकान मालिकों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि दुकानदारों से जवाब मांगा जा रहा है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कनीय अभियंता भी मौजूद रहे। जीएसटी को लेकर नहीं मिला संतोषजनक जवाब सुखजोड़ा पंचायत स्थित दीपक भंडार निरीक्षण के दौरान बंद मिला। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि दुकान अक्सर बंद रहती है। दुकान मालिक दीपक मंडल से पूछताछ में बताया गया कि वे 30 आंगनबाड़ी केंद्रों में करीब सवा लाख रुपये का पोषाहार सप्लाई करते हैं। हालांकि प्राप्त राशि के अनुरूप जीएसटी जमा करने से संबंधित सवाल पर वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
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