Last Updated:
Ranchi Success Story: रांची के पवन पटियाला जूती बनाते हैं. उनके पूर्वज भी इसी काम को किया करते थे. पवन ने हाथ से बनी जूतियों के अलग-अलग डिजाइन बनाए हैं. उनके पास 20,000 से अधिक ग्राहक हैं और उन्हें ‘जूती किंग’ कहा जाता है. वह पूरे देश में अपना स्टॉल लगाते हैं.
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के पवन पटियाला जूती बनाने का काम करते हैं. उनके पूर्वज पटियाला से थे और वे भी इसी काम में लगे हुए थे. पवन ने बताया कि उन्हें बचपन से पढ़ाई में खास दिलचस्पी नहीं थी, उन्होंने अपने घर के बुजुर्गों को यह काम करते देखा और इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया.
बचपन से इसी काम का था शौक
पवन के अनुसार, उन्होंने बचपन से ही यह काम किया है और अपने परिवार को भी यही काम करते देखा है. हालांकि, उनके परिवार का काम इतने बड़े पैमाने पर नहीं था. उन्होंने बताया कि उन्होंने अलग-अलग डिजाइन बनाना शुरू किया. उनके पास महारानी डिजाइन से लेकर कट डिजाइन, सिंपल ऑफिस गोइंग और कैजुअल जूती तक, हर अवसर के लिए विभिन्न प्रकार की जूतियां उपलब्ध हैं.
हाथ से बनती है जूती
पवन ने बताया कि उनकी जूतियां पूरी तरह से हाथ से बनाई जाती हैं. इसमें मशीन का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं होता है. जहां जूती का फ्लैट, सोल और उस पर बने खूबसूरत मोर, फूल और जरी वर्क सभी कारीगरों द्वारा हाथ से तैयार किए जाते हैं. इसी कारण से इन जूतियों को पारंपरिक और असली लुक मिलता है. उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास 20,000 से अधिक ग्राहक हैं और लोग उन्हें प्यार से ‘जूती किंग’ भी बुलाते हैं.
पूरे भारत में है स्टॉल और ग्राहक
पवन ने बताया कि उनके कारीगर जूतियां तैयार करते हैं, जिससे ऐसा दूसरा पीस कहीं और मिलना मुश्किल है. वे सरकारी और निजी मेलों में पूरे भारत में स्टॉल लगाते हैं. उनके ग्राहक कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक फैले हुए हैं. महिलाएं जब उनके पास आती हैं, तो वे उनसे पूछकर कि उन्हें किस अवसर के लिए जूती चाहिए, जैसे जींस, सलवार सूट या लहंगे के लिए, उसी के अनुसार जूती दिखाते हैं.
About the Author
बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से Hindi.News18.com<…
और पढ़ें