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OBC Creamy Layer: अन्य पिछड़ी जातियों में क्रीमी लेयर का मुद्दा एक बार फिर से उठ खड़ा हुआ है. इस बार यह मामला UPSC सिविल सर्विसेज से जुड़ा हुआ है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले 11 मार्च 2026 को महत्वपूर्ण फैसला दिया था. अब केंद्र ने इस मामले में शीर्ष अदालत में याचिका दायर स्पष्ट दिशा-निर्देश मांगा है.
OBC क्रीमी लेयर को लेकर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. (फाइल फोटो)
OBC Creamy Layer: अदर बैकवर्ड क्लास या अन्य पिछड़ी जातियों (OBC) के क्रीमी लेयर का मुद्दा एक बार फिर से सुर्खियों में है. यह मामला संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सर्विसेज परीक्षा से जुड़ा तकरीबन 10 साल पुराना मामला है. यूपीएससी-सिविल सर्विसेज की परीक्षा में सफल OBC कैटेगरी के तकरीबन 100 कैंडिडेट को कार्मिक विभाग (DoPT) ने अयोग्य घोषित कर दिया था. विभाग ने क्रीमी लेयर को आधार बनाते हुए यह कदम उठाया था. बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. शीर्ष अदालत ने 11 मार्च 2026 को इन सभी अभ्यर्थियों के दावों पर विचार करने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट की 2 जजों की बेंच ने कहा था कि सिर्फ आय को आधार बनाते हुए क्रीमी लेयर को तय नहीं किया जा सकता है. साथ ही कोर्ट ने केंद्र को इसपर विचार करने के लिए 6 महीनों का वक्त दिया था. यह मियाद सितंबर में खत्म होने वाली है. इसे देखते हुए DoPT ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले में साफ स्पष्टीकरण और दिशा-निर्देश देने की मांग की है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…
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