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झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना की सूची से नाम काटे जाने के के बाद महिलाओं में नाराजगी है. नाम कटने की जानकारी पाकर महिलाएं धनबाद के बौआकाला पंचायत सचिवालय पहुंची. आचनक योजना से नाम काटे जाने से महिलाओं में भारी आक्रोश है.
धनबाद में मंईयां सम्मान योजना से दर्जनों महिलाओं के नाम कटे, पंचायत सचिवालय पहुंचकर जताया विरोध
धनबाद. झारखंड के धनबाद जिले के बाघमारा प्रखंड की बौआकला उत्तर पंचायत में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से कई महिलाओं के नाम हटाए जाने का मामला सामने आया है. नाम सूची से हटाए जाने की जानकारी मिलने के बाद महिलाएं पंचायत सचिवालय पहुंचीं और योजना का लाभ दोबारा शुरू कराने की मांग की. महिलाओं का आरोप है कि हाल में हुए भौतिक सत्यापन के दौरान उनका नाम गलत तरीके से सूची से हटा दिया गया, जबकि वे योजना के लिए पात्र हैं. महिलाओं का कहना है कि करीब तीन सप्ताह से वे पंचायत सचिवालय का चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है.
सत्यापन के बाद सूची से नाम हटाने का आरोप
बाघमारा प्रखंड के बौआकला उत्तर पंचायत क्षेत्र की महिलाओं के मुताबिक, उन्हें पहले मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ मिल रहा था. हाल में हुए भौतिक सत्यापन के बाद उन्हें जानकारी मिली कि योजना की सूची से उनका नाम हटा दिया गया है. नाम हटने की जानकारी मिलने के बाद दर्जनों महिलाएं पंचायत सचिवालय पहुंचीं. महिलाओं ने वहां अपनी समस्या रखी और योजना का लाभ फिर से शुरू कराने की मांग की.
महिलाओं ने कहा- हम पात्र लाभुक हैं
योजना से वंचित महिलाओं का कहना है कि वे योजना की पात्रता पूरी करती हैं. इसके बावजूद उनका नाम सूची से हटा दिया गया है. महिलाओं ने मांग की कि पूरे मामले की जांच की जाए और यदि सत्यापन के दौरान किसी गलती के कारण उनका नाम हटाया गया है, तो उसे सुधारते हुए दोबारा योजना में शामिल किया जाए. योजना से हटाई गई लाभुक वर्षा रवानी ने कहा कि पहले उन्हें योजना का लाभ मिलता था, लेकिन अब अचानक उनका नाम काट दिया गया है. उनका कहना है कि समस्या के समाधान के लिए वह करीब तीन सप्ताह से पंचायत सचिवालय का चक्कर लगा रही हैं.
पूर्व मुखिया प्रतिनिधि ने भी उठाई जांच की मांग
बौआकला उत्तर पंचायत के पूर्व मुखिया प्रतिनिधि लक्ष्मीकांत रजक ने भी मामले की जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से योग्य लाभुकों के नाम हटाए जाने से कई महिलाओं को परेशानी हो रही है. उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की कि मामले की सही तरीके से जांच कराई जाए और यदि महिलाएं योजना की पात्रता रखती हैं, तो उनके नाम दोबारा योजना में जोड़े जाएं.
महिलाओं में नाराजगी, समाधान की मांग
योजना का लाभ नहीं मिलने से महिलाओं में नाराजगी है. उनका कहना है कि योजना से मिलने वाली सहायता उनके लिए महत्वपूर्ण है और बिना स्पष्ट कारण नाम हटाए जाने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. महिलाओं ने प्रशासन से जल्द जांच कराने और पात्र पाए जाने पर योजना का लाभ फिर से शुरू करने की मांग की है. अब देखना होगा कि प्रशासन की जांच में नाम हटाए जाने की वजह क्या सामने आती है और पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दोबारा कब मिल पाता है.