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Penalty on Meta : अमेरिका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कंपनी मेटा पर 1.60 लाख करोड़ रुपये का हर्जाना लगाया है. कंपनी पर युवाओं की गोपनीयता से खिलवाड़ करने और उनमें लत लगाने का आरोप है. हालांकि, मेटा ने इससे इनकार किया है और कहा है कि वह बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़ी मेहनत करती है.
अमेरिकी अदालतों ने मेटा पर 16 अरब डॉलर से ज्यादा का हर्जाना लगाया है.
नई दिल्ली. भारत में बच्चे हों, किशोर या फिर जवान, सभी के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के रास्ते खुले हुए हैं. अमेरिकी कंपनी मेटा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लाखों बच्चों और किशोरों ने अपनी आईडी बना रखी है. इस पर कंपनी भी कोई रोकटोक नहीं करती है. लेकिन, ऐसे ही काम के लिए मेटा को अमेरिका में 1.60 लाख करोड़ रुपये का हर्जाना भरा पड़ा है. इसका मतलब है कि यह कंपनी अपने देश के लिए तो दूसरे नियम फॉलो करती है, जबकि भारत जैसे देशों के लिए इसके अलग मानक हैं.
मेटा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी ने अमेरिकी राज्यों के साथ 16.68 अरब डॉलर (करीब 1.60 लाख करोड़ रुपये) का सेटलमेंट किया है. कंपनी ने यह हर्जाना फेसबुक और इंस्टा का बच्चों में लत लगने और उपभोक्ताओं को गुमराह करने के आरोपों पर चुकाया है. अमेरिकी राज्यों ने इस प्लेटफॉर्म के जरिये बच्चों के डाटा चोरी, उनकी व्यक्तिगत जानकारियों के सार्वजनिक होने और उनकी सुरक्षा में खामी का आरोप लगाया था.
अब तक का सबसे बड़ा हर्जाना
मेटा ने यह सेटलमेंट कैलिफोर्निया की फेडरल अदालत के फैसले के बाद लागू किया है. सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ यह सबसे बड़ी समीक्षा रही है. इस सेटलमेंट की वजह से मेटा के शेयरों में 4.4 फीसदी की गिरावट दिख रही है. मेटा के खिलाफ अमेरिकी राज्यों, स्थानीय सरकारों, जिला स्कूलों और व्यक्तिगत लोगों ने भी मुकदमा किया था. इसमें सामूहिक रूप से यह आरोप लगाया गया था कि इस प्लेटफॉर्म की वजह से पूरे देश के युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य खराब हो रहा है. इस सेटलमेंट में कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटुकी और न्यू जर्सी की उपभोक्ता अदालतों की ओर से दिए गए फैसले भी शामिल हैं.
29 राज्यों के बच्चों के नाम हर्जाना
मेटा पर लगाया गया यह हर्जाना देश के 29 राज्यों में नियमों का उल्लंघन करने पर लगाया गया है. कंपनी पर आरोप है कि उसने नाबालिगों और किशोरों के खाते बिना उनके माता-पिता और अभिभावक की मंजूरी के ही खोले गए. इससे डाटा का इस्तेमाल किया गया और मशीन लर्निंग व एआई से बनने वाले मॉडल के जरिये उन्हें गलत कंटेंट दिखाए गए. हालांकि, मेटा ने इन आरोपों से इनकार किया है और दावा किया है कि उनकी कंपनी बच्चों की सुरक्षा को लेकर कड़ी मेहनत करती है. मेटा ने उसके प्लेटफॉर्म की लत लगने जैसे आरोपों से भी इनकार कर दिया है.
14 खरब डॉलर की मांगी थी पेनाल्टी
मेटा ने ट्रायल शुरू होने से पहले शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया था कि कैलीफोर्निया, कोलोराडो, केंटुकी और न्यूजर्सी जैसे राज्यों ने कंपनी से 1.4 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 134 लाख करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की डिमांड की थी. ट्रायल से पहले राज्यों ने अपना हर्जाना 200 अरब डॉलर करने का प्रस्ताव दिया था. राज्यों ने इससे सरकारी खजाने को हुए नुकसान का हर्जाना भरने के लिए भी कहा था. साथ ही बच्चों के लिए इस प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाने से रोक लगाने की भी अपील की थी.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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