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Kanpur DM Jitendra Pratap Singh: कानपुर में रक्षाबंधन पर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की अनूठी मिसाल सामने आई. 12वीं की छात्रा इशु यादव ने डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को राखी बांधी तो डीएम ने भाई का फर्ज निभाया. उन्होंने उसकी 29 हजार की बकाया फीस भरी और स्कूल जाने के लिए नई साइकिल भी भेंट की.कानपुर में रक्षाबंधन पर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की अनूठी मिसाल सामने आई. 12वीं की छात्रा इशु यादव ने डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को राखी बांधी तो डीएम ने भाई का फर्ज निभाया. उन्होंने उसकी 29 हजार की बकाया फीस भरी और स्कूल जाने के लिए नई साइकिल भी भेंट की.
Kanpur DM Jitendra Pratap Singh: कानपुर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने रक्षाबंधन पर बेहतरीन मिसाल पेश की
नई दिल्ली (Kanpur DM Jitendra Pratap Singh). रक्षाबंधन का त्योहार केवल रेशम के धागे बांधने और औपचारिकता निभाने तक सीमित नहीं है. इसे सुरक्षा, सम्मान और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का सच्चा प्रतीक माना जाता है. उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में इस पावन पर्व पर प्रशासनिक दीवारों से परे ऐसा वाकया हुआ, जिसने हर किसी के दिल को छू लिया. कानपुर कलेक्ट्रेट में इस पर्व पर ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था में मानवीय संवेदनाओं की नई मिसाल पेश कर दी.
Raksha Bandhan 2026: जनता दर्शन में पहुंची मां-बेटी, बयां किया दर्द
नौबस्ता (कानपुर) के हंसपुरम में रहने वाली ललिता यादव के पति प्रागी लाल यादव का 2017 में निधन हो गया था. वे घरों में काम करके किसी तरह अपनी बेटी इशु की पढ़ाई का खर्च उठा रही थीं. इशु नौबस्ता के केपी वाईजन सहयोगी इंटर कॉलेज में 12वीं की छात्रा है. घर की तंगी के चलते स्कूल की करीब 29 हजार रुपये की फीस जमा नहीं हो पाई थी. पढ़ाई छूटने के डर से मां अपनी बेटी को लेकर डीएम के पास मदद की गुहार लगाने पहुंची थीं.
छात्रा ने बांधी राखी, डीएम ने लिया मदद का संकल्प
कानपुर कलेक्ट्रेट पहुंची इशु यादव ने अपनी परेशानी बताने के बाद डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने की इच्छा जताई. इस पर डीएम ने आदर के साथ उसकी भावना का सम्मान किया. राखी बंधवाने के बाद जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बड़े भाई की तरह इशु के सिर पर हाथ रखा. फिर रक्षाबंधन का फर्ज निभाते हुए उसकी शिक्षा में आ रही हर रुकावट को दूर करने का जिम्मा अपने हाथों में ले लिया.
आधा बिल खुद भरा, आधा स्कूल से कराया माफ
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने तुरंत स्कूल के प्रधानाचार्य से बात की. उन्होंने इशु की बकाया 29 हजार रुपये की फीस में से आधी राशि अपनी जेब से जमा कराई और बाकी आधी फीस प्रधानाचार्य से आग्रह करके माफ करवा दी. इस एक कदम ने छात्रा इशु यादव के परिवार को बड़े आर्थिक संकट से उबार लिया और इशु की आगे की पढ़ाई का रास्ता बिल्कुल साफ कर दिया.
2 किलोमीटर का सफर अब साइकिल से होगा आसान
बातचीत के दौरान कनपुर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को पता चला कि इशु यादव का घर स्कूल से करीब 2 किलोमीटर दूर है. वह रोजाना पैदल ही स्कूल जाती है तो उन्होंने तुरंत उसके लिए साइकिल का इंतजाम करवाया. 27 अगस्त को ही इशु को नई साइकिल सौंप दी गई, जिस पर सवार होकर वह खुशी-खुशी अपने घर लौटी. इशु ने डीएम को बताया कि वह आगे चलकर IAS अधिकारी बनकर गरीबों की सेवा करना चाहती है. डीएम ने उसका हौसला बढ़ाते हुए डिप्टी कलेक्टर ज्योति शर्मा को इशु का मेंटर नियुक्त कर दिया.
अब कानपुर की डिप्टी कलेक्टर ज्योति शर्मा पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए इशु को लगातार गाइड करेंगी.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…
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