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Bokaro Farmer Success Story: बोकारो के किसान त्रिलोचन कोयरी एक एकड़ में गन्ने की खेती कर ₹40,000 की लागत से ₹1 लाख तक का मुनाफा कमा रहे हैं. यूट्यूब से प्रेरित होकर, वे 350 क्विंटल तक उत्पादन लेते हैं और अन्य किसानों को भी नकदी फसल अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
बोकारो: खेती में सही प्लानिंग और बाजार की मांग के अनुसार फसल का चयन किया जाए तो कम जमीन में भी किसान अच्छी आमदनी कर सकते हैं. बोकारो जिले के चंदनक्यारी प्रखंड के किसान त्रिलोचन कोयरी इसका उदाहरण हैं. वह एक एकड़ जमीन में गन्ने की खेती कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं. साथ ही आसपास के किसानों को भी नकदी फसल के रूप में गन्ने की खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
यूट्यूब वीडियो देखकर खेती की शुरुआत
खास बातचीत में त्रिलोचन कोयरी ने बताया कि उन्हें खेती शुरू करने की प्रेरणा यूट्यूब पर मौजूद खेती से जुड़े वीडियो से मिली. इसके बाद उन्होंने करीब पांच साल पहले सब्जियों की खेती शुरू की. लगातार मेहनत और प्रयोग के जरिए उन्होंने खेती से अच्छी आमदनी हासिल की. अब वह सब्जियों के साथ गन्ने की खेती भी कर रहे हैं.
6 से 10 महीने में तैयार होती है फसल
त्रिलोचन के अनुसार गन्ना भले ही थोड़ी लंबी अवधि की फसल है, लेकिन बाजार में इसकी मांग बनी रहती है. उनका कहना है कि दूसरी कई फसलों की तुलना में गन्ने में कीट और रोगों का प्रकोप भी कम देखने को मिला है. उन्होंने बताया कि गन्ने की फसल को तैयार होने में सामान्य तौर पर 6 से 10 महीने का समय लग सकता है. उन्होंने मार्च महीने में गन्ने की बुवाई की थी. उनके मुताबिक इस समय बुवाई करने से फसल को शुरुआती दौर में अनुकूल मौसम मिल जाता है और अच्छी उपज मिलने की संभावना रहती है.
40 हजार की लागत, 1.40 लाख तक की सकल आमदनी
त्रिलोचन के मुताबिक एक एकड़ में गन्ने की खेती करने में करीब 40 हजार रुपये की लागत आती है. इससे लगभग 350 क्विंटल गन्ने का उत्पादन हो जाता है. यदि बाजार में गन्ने का भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल मिले, तो 350 क्विंटल गन्ने की बिक्री से करीब 1.40 लाख रुपये की सकल आमदनी हो सकती है. लागत के रूप में करीब 40 हजार रुपये निकालने के बाद किसान को लगभग 1 लाख रुपये तक की शुद्ध कमाई हो सकती है. हालांकि वास्तविक आमदनी बाजार भाव, उत्पादन और खेती की लागत के आधार पर कम या ज्यादा हो सकती है.
सिंचाई के साथ जल निकासी भी जरूरी
त्रिलोचन ने किसानों को सलाह दी कि गन्ने की खेती में सिंचाई और जल निकासी, दोनों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. फसल को जरूरत के अनुसार समय पर पानी देना जरूरी है, लेकिन खेत में पानी जमा होने से गन्ने की फसल को नुकसान पहुंच सकता है. उन्होंने कहा कि बारिश या अधिक सिंचाई की स्थिति में खेत से अतिरिक्त पानी निकालने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए. सिंचाई का सही प्रबंधन और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था से फसल की अच्छी पैदावार हासिल की जा सकती है.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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