भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

रांची के मोरहाबादी में आज आदिवासी महाजुटान:परिसीमन को 2029 तक फ्रीज करने...




रांची के मोरहाबादी मैदान में आज प्रस्तावित परिसीमन के विरोध में आदिवासी एकता महाजुटान महारैली का आयोजन किया गया है। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। आयोजकों का दावा है कि महारैली में पूरे झारखंड से करीब पांच लाख लोग जुटेंगे। आयोजन स्थल पर बनाए गए मंच पर एक ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी व सोनिया गांधी की तस्वीर लगाई गई है। कांग्रेस ने पुष्टि की है कि पार्टी के झारखंड प्रभारी के. राजू भी महारैली में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। वहीं भाजपा नेताओं से भी महारैली में शामिल होने की अपील की गई है। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने आयोजन को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह झारखंड के आदिवासियों के अधिकार और राज्य के हित से जुड़ा मुद्दा है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों को इस मामले में सामने आना चाहिए। परिसीमन लागू हुआ तो घटेंगी आदिवासी आरक्षित सीटें बंधु तिर्की ने भाजपा पर निशाना साधते हुए दावा किया कि झारखंड में उसका जनाधार खत्म हो चुका है। इसलिए भाजपा परिसीमन और एसआईआर के सहारे सत्ता हासिल करना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा को पता है कि अगर परिसीमन लागू हुआ, तो झारखंड में आदिवासियों के लिए आरक्षित लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या घट सकती है। कहा कि परिसीमन केवल किसी एक दल का विषय नहीं, बल्कि पूरे राज्य का मसला है। इसलिए सभी दलों को इस पर एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि फिलहाल राष्ट्रीय जनगणना की प्रक्रिया चल रही है, ऐसे में 2027 में परिसीमन लागू करना उचित नहीं होगा। झारखंड के लिए परिसीमन को 2029 तक फ्रीज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर चिंतित है और इसी चिंता को महारैली के माध्यम से मजबूती से सामने रखा जाएगा। चर्च प्रायोजित रैली के आरोप पर तिर्की का पलटवार महारैली को चर्च प्रायोजित रैली बताए जाने के आरोप का भी बंधु तिर्की ने विरोध किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ईसाई आदिवासी नहीं हैं। धर्म परिवर्तन करने से क्या जाति बदल जाती है? उन्होंने कहा कि अगर किसी मामले को लेकर मिशनरी चिंता करती है, तो इसमें गलत क्या है। उन्होंने कहा कि आज की महारैली के बाद इस तरह की बातें करने वालों से बातचीत की जाएगी। इधर, आदिवासी अधिकार मंच ने भी महारैली को समर्थन दिया है। मंच के अध्यक्ष प्रफुल्ल लिंडा और संयोजक सुखनाथ लोहरा ने कहा कि झारखंड आदिवासी विशिष्टता वाला राज्य है। ऐसे में परिसीमन के दौरान राज्य की विशेष परिस्थितियों और आदिवासी हितों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी अधिकार मंच महारैली का समर्थन करता है। महारैली को लेकर ट्रैफिक प्लान जारी मोरहाबादी मैदान में राज्यभर से आदिवासी समाज के लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष यातायात व्यवस्था की है। ट्रैफिक एसपी की ओर से जारी प्लान के अनुसार आज रात 12 बजे तक भारी मालवाहक वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक रहेगी। ऐसे वाहन रिंग रोड के रास्ते अपने गंतव्य तक जा सकेंगे। नो-एंट्री का समय पहले की तरह लागू रहेगा। वहीं सुबह आठ बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक मोरहाबादी से जुड़ने वाली कई सड़कें पूरी तरह बंद रहेंगी। जेल चौक से करमटोली चौक, करमटोली से टीआरआई मैदान, करमटोली चौक से एसएसपी आवास चौक, एसएसपी आवास से मोरहाबादी, मोरहाबादी से राममंदिर तथा अंतू मोड़ से सिद्धू-कान्हू मोड़ तक सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन बंद रहेगा।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top