Last Updated:
रांची की रेशमा घर पर मकई का बिस्कुट और लड्डू बनाकर काफी मशहूर हो रही हैं. वे मकई और रागी के 50 से अधिक उत्पाद बनाती हैं. बाजार में इनके सामान की इतनी मांग है कि फोन पर ही आर्डर आ जाते हैं. रेशमा 100 महिलाओं को ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर भी बना रही हैं.
रांचीः रांची की रहने वाली रेशमा मकई और रागी के उत्पाद बनाकर अपनी एक अलग पहचान बना चुकी हैं. वह अपने घर पर ही मकई का बिस्कुट, मकई का लड्डू, रागी लड्डू, अचार और नमकीन की कई वैरायटी तैयार करती हैं.
रेशमा अपने घर में 50 से अधिक तरह के उत्पाद बनाती हैं. आज उनके पास ग्राहकों की कोई कमी नहीं है. मकई के बिस्कुट और रागी से बनी चीजों की इतनी ज्यादा मांग है कि उनका सामान अक्सर आउट ऑफ स्टॉक हो जाता है. लोग उन्हें सीधे फोन पर ऑर्डर देते हैं और वह सामान घर तक पहुंचाती हैं.
महिलाओं को बना रहीं है आत्मनिर्भर
रेशमा सिर्फ खुद ही आगे नहीं बढ़ रही हैं, बल्कि 100 महिलाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें भी आत्मनिर्भर बना रही हैं. वह अपने सखी मंडल से जुड़ी महिलाओं को आगे बढ़ाने और उनके हक के लिए आवाज उठाने का काम भी करती हैं. उनका लक्ष्य है कि हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो और वित्तीय रूप से मजबूत बने.
वह महिलाओं को उत्पाद तैयार करने के साथ-साथ उनकी ब्रांडेड पैकेजिंग करना और मेलों में स्टॉल लगाना भी सिखाती हैं.
हुनर के दम पर आगे बढ़ें महिलाएं
रेशमा मानती हैं कि अब पुराना जमाना नहीं रहा, आज के समय में महिलाओं का सशक्त होना बहुत जरूरी है. उनके अनुसार हर महिला के हाथ में जो भी हुनर है, उसी के दम पर उसे काम शुरू करना चाहिए.
वह कहती हैं कि भले ही शुरुआत छोटे स्तर पर हो और दिन में केवल 5 रुपये की कमाई हो, लेकिन अपनी कमाई होना बहुत जरूरी है. जब महिलाएं खुद कमाने लगती हैं, तो उनका शोषण और इस्तेमाल होने की गुंजाइश काफी कम हो जाती है. रेशमा की यह सोच और मेहनत आज समाज में कई महिलाओं के लिए मिसाल बन रही है.
About the Author
प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.
इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…
और पढ़ें