West Bengal election phase 2 voting : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण की वोटिंग हो रही है. पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों में 142 सीटों पर आखिरी चरण में वोट डाले जा रहे हैं. बड़ी संख्या में वोटर घरों से बाहर निकल रहे हैं. इस चरण में सबसे अहम मुकाबला भवानीपुर सीट पर है. यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भजपा प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं. सुबह से ही दोनों फील्ड में बूथों का दौरा कर रहे हैं. एक वक्त तो ऐसा भी हुआ, जब भवानीपुर के जिस बूथ के बाहर ममता बनर्जी एक घर में बैठी थीं, वहीं पर सुवेंदु अधिकारी भी आ धमके.
ममता पर बरसे सुवेंदु अधिकारी
न्यूज18 इंडिया से बातचीत में सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता की पुलिस नहीं है तो उनको डर लग रहा है. अगर कुछ बोलना है तो चुनाव आयोग को बोलें. ममता बनर्जी 50-60 लोगों को लेकर आईं. मेरे आने पर सब भाग गए. वो क्लीयर नहीं करेगा तो मैं क्लीयर करूंगा. ये डर अच्छा लग रहा है. उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी 30 हजार वोटों से हारेंगी.
ममता भी पीछे नहीं रहीं
दरअसल, पश्चिम बंगाल में जारी मतदान के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को केंद्रीय बलों और चुनाव पर्यवेक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ये लोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं और राज्य के कई हिस्सों में मतदान प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं. ममता बनर्जी ने दावा किया कि ‘कई पर्यवेक्षक बाहर से आए हैं और बीजेपी के निर्देशों पर काम कर रहे हैं.’ उन्होंने मतदान प्रक्रिया में दखल देने का आरोप लगाया. मतदान की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, ‘लोगों को वोट डालना है, क्या ऐसे मतदान हो सकता है?’
विस्तार से समझिए पूरा मामला
- दरअसल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को अपने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा किया. ममता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल और चुनाव पर्यवेक्षक भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं. गौरतलब है कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र बनर्जी का राजनीतिक गढ़ माना जाता है, जहां उनकी नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी से प्रतिष्ठा की लड़ाई है. इस मुकाबले को नंदीग्राम की लड़ाई की तरह ही देखा जा रहा है, जहां 2021 में अधिकारी ने बनर्जी को हरा दिया था.
- तृणमूल कांग्रेस प्रमुख आमतौर पर मतदान के दिन दोपहर में अपने कालीघाट स्थित आवास से निकलकर मित्रा इंस्टीट्यूशन स्कूल में वोट डालने जाती हैं. हालांकि, इस बार वह सुबह आठ बजे से पहले ही भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा करने निकल पड़ीं, जिनमें दक्षिण कोलकाता के चेतला इलाके के मतदान केंद्र भी शामिल हैं.
- बाद में वह भवानीपुर के चक्रबेड़िया स्थित एक मतदान केंद्र के बाहर बैठीं और पत्रकारों से बात करते हुए अनियमितताओं का आरोप लगाया. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर केंद्रीय बलों और पर्यवेक्षकों के जरिए मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने कहा, ‘कई पर्यवेक्षक बाहर से आए हैं और भाजपा के निर्देशों पर काम कर रहे हैं. लोगों को मतदान करना है- क्या इस तरह मतदान हो सकता है?’
ममता ने क्या आरोप लगाए?
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के सभी पार्टी झंडे पहले ही हटा दिए गए और बाहरी लोग मतदान प्रक्रिया में दखल दे रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘वे वार्ड नंबर 70 के पार्षद को बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं. वे हमारे सभी कार्यकर्ताओं को पकड़ रहे हैं. अभिषेक और मैं पूरी रात जागते रहे.’ ममता बनर्जी ने दावा किया कि राज्य के बाहर से कुछ लोग निर्वाचन क्षेत्र में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने निर्वाचन आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की.
अभिषेक बनर्जी का क्या दावा?
हालांकि, भाजपा ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी जनता के गुस्से को भांपकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है. तृणमूल में दूसरे नंबर के नेता माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल 2021 की तुलना में अधिक सीटें जीतकर सत्ता में लौटेगी. डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने मित्रा इंस्टीट्यूशन में मतदान करने के बाद विभिन्न स्थानों पर चुनाव पर्यवेक्षकों द्वारा मनमानी करने का आरोप लगाया.
सुवेंदु अधिकारी ने किया पलटवार
वहीं, सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री यह चुनाव हार जाएंगी. विपक्ष के नेता ने निर्वाचन क्षेत्र के खिदिरपुर इलाके में दो मंदिरों में पूजा-अर्चना की. सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि लोग बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए बाहर निकल रहे हैं और चुनाव आयोग ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उचित व्यवस्थाएं की हैं. तृणमूल प्रमुख के मतदान के दिन सुबह-सुबह बाहर निकलने के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, ‘कोई फर्क नहीं पड़ता, वह हार जाएंगी.’
कहां-कहां और कब तक वोटिंग
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 142 सीटों पर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है. मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान जिलों के मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं.
4 मई को आएगा रिजल्ट
इस चरण का परिणाम महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है क्योंकि इसमें दक्षिण बंगाल शामिल है, जिसे तृणमूल का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, जहां भाजपा पैठ बनाने की कोशिश कर रही है. मतदान शाम छह बजे तक जारी रहेगा. पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत था.मतगणना चार मई को होगी.