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Palamu School Girls Receiving Karate Training: पलामू में स्कूली छात्राओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है. जिले के 88 विद्यालयों में कक्षा 6 से 12वीं तक की छात्राओं को कराटे सिखाए जा रहे हैं.
पलामू. आज के समय में बेटियों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है. घर से स्कूल, कॉलेज या अन्य जगहों पर आने-जाने के दौरान उन्हें कई तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ अपनी सुरक्षा करने के लिए प्रशिक्षित करना भी जरूरी है. आत्मरक्षा का प्रशिक्षण न केवल उन्हें विपरीत परिस्थितियों में खुद को सुरक्षित रखने के तरीके सिखाता है, बल्कि उनके अंदर आत्मविश्वास, साहस और निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करता है. इसी उद्देश्य से स्कूलों में छात्राओं को कराटे सहित आत्मरक्षा के विभिन्न तरीके सिखाए जा रहे हैं, ताकि वे किसी भी चुनौती का सामना मजबूती से कर सकें.
झारखंड सरकार की आत्मरक्षा योजना
इसी दिशा में झारखंड सरकार की ओर से छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने के लिए रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है. पलामू एडीपीओ अंभुजा पांडे ने लोकल18 को बताया कि पलामू जिले में लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के तहत कक्षा 6 से 12वीं तक की छात्राओं को कराटे का प्रशिक्षण दिया जाता है. इसका उद्देश्य छात्राओं को शारीरिक रूप से सक्षम बनाने के साथ उन्हें आत्मरक्षा की तकनीकों से परिचित कराना है. स्कूल स्तर पर इस तरह का प्रशिक्षण मिलने से छात्राओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होने और जरूरत पड़ने पर सीखे गए तरीकों का इस्तेमाल करने में मदद मिलती है.
पलामू के 88 विद्यालयों में चल रहा प्रशिक्षण
उन्होंने आगे कहा कि पलामू जिले में इस कार्यक्रम के तहत छात्राओं को कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. जिले के कुल 88 विद्यालयों में यह कार्यक्रम संचालित हो रहा है. इनमें 30 एलिमेंट्री स्कूल और 24 पीएम श्री विद्यालय शामिल हैं. इसके अलावा अन्य चयनित विद्यालयों में भी छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. जिन स्कूलों में छात्राओं की संख्या अधिक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चुना गया है. प्रशिक्षण के लिए पलामू में ओलंपिक संघ के साथ समन्वय स्थापित कर प्रशिक्षकों की मदद ली जा रही है, ताकि छात्राओं को व्यवस्थित तरीके से आत्मरक्षा के गुर सिखाए जा सकें.
तीन से छह महीने तक सीखेंगी कराटे
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत अलग-अलग श्रेणी के विद्यालयों में प्रशिक्षण की अवधि निर्धारित की गई है. एलिमेंट्री स्कूल और हाई स्कूल की छात्राओं को तीन महीने तक कराटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि पीएम श्री विद्यालयों में छह महीने तक प्रशिक्षण चलेगा. इस दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा की बुनियादी तकनीकों और शारीरिक बचाव के तरीकों का अभ्यास कराया जाएगा. प्रशिक्षण की अवधि के अनुसार प्रशिक्षकों के मानदेय के लिए भी बजट निर्धारित किया गया है. तीन महीने के प्रशिक्षण के लिए प्रति ट्रेनर 15 हजार रुपये और छह महीने के प्रशिक्षण के लिए 30 हजार रुपये का बजट रखा गया है.
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Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…