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‘दिल्ली में बैठ गए हैं दिमागी नक्सली’, बीजेपी ने 13 करोड़ मतदाताओं...


भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 2 नवंबर को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में प्रेस वार्ता की. इस दौरान उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया इस समय उथल-पुथल और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है. हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा-नीत एनडीए सरकार के तहत भारत इन मुश्किल वैश्विक हालात के बावजूद मजबूती से आगे बढ़ रहा है.”

भाजपा सांसद ने कहा, “दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकॉनमी के तौर पर उभर रहा है. अभी दो दिन पहले, वर्ल्ड बैंक ने अपनी 2025 रिपोर्ट में गरीबी कम करने में भारत की कामयाबी की तारीफ की और पिछले 12-13 सालों में हुई बड़ी तरक्की को बताया. विश्व बैंक की ओर से कहा गया है कि जहां 2011-12 में 27 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे थे, अब केवल 2.5 प्रतिशत लोग रह गए हैं. भारत विश्व में एआई, डिफेंस प्रोडक्शन और नई तकनीक के क्षेत्र में जिस तरह से आगे बढ़ रहा है. यह बहुत सी शक्तियों को अच्छा नहीं लग रहा है.”

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “दुर्भाग्य की बात है कि विपक्ष उन शक्तियों के हाथ में एक खिलौने के रूप में दिखाई पड़ने लगा है. देश हर क्षेत्र में आत्मगौरव के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन विपक्ष की ओर से जिस प्रकार का आचरण किया जा रहा है, ऐसा लग रहा है कि देश की प्रगति और आत्मगौरव उसे रास नहीं आ रहा है. इस वक्त देश के लोकतंत्र के लिए स्वयं कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खतरा बन गए हैं. मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि वे अराजकता उत्पन्न कर रहे हैं, लेकिन ठोस तथ्य यह है कि ओडिशा में कांग्रेस 25 वर्ष से गायब है.”

भाजपा सांसद ने कहा, “1995 से गुजरात से कांग्रेस गायब है, 1990 से यूपी-बिहार से कांग्रेस गायब है, 1977 से बंगाल से गायब है, और 1967 से कांग्रेस तमिलनाडु से बाहर है. त्रिपुरा, नागालैंड और सिक्किम से 30 वर्षों से कांग्रेस गायब है. इसीलिए ये लोग दुष्प्रचार कर रहे हैं. केरल में उनकी (राहुल गांधी) सरकार है और केरल के गृह मंत्री बोल चुके हैं कि एसआईआर से उन्हें लाभ हुआ है. कांग्रेस से सवाल है कि जहां उनकी सरकारें (केरल और कर्नाटक) हैं, वे लोग सही बोल रहे हैं या आप सही बोल रहे हैं.”

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “राहुल गांधी जिन 13 करोड़ लोगों की बात कर रहे हैं, उनमें 2 करोड़ 80 लाख मृत लोग हैं, 12 करोड़ लोग शिफ्ट हो गए हैं, उसमें से 6 करोड़ लोग दूसरी जगह मतदाता बन गए हैं और अभी 6 करोड़ लोग बाकी हैं. एक करोड़ डुप्लीकेट वोटर हैं, जिनके दो जगह वोट थे. इसके अलावा 3 करोड़ लोग लापता मतदाता हैं. मेरा कहना है कि ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और आंध्र प्रदेश से जुड़े इलाकों में जो नक्सल समस्या थी, उससे मुक्ति मिल गई है. लेकिन यही दिमागी नक्सली बनकर दिल्ली में बैठ गए हैं.



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