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लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के गेरेन्जा-हराफु गांव में बुधवार को बिना ग्रामसभा की अनुमति के ड्रोन से गोपनीय सर्वे करने पर ग्रामीण भड़क गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने एनटीपीसी के महाप्रबंधक आनंद अग्रवाल, अपर महाप्रबंधक पेरुमल, एजीएम रोहित पाल और तीन ड्रोन ऑपरेटरों को करीब 7 घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान ग्रामीणों ने सुरंगी टोगरी के पास रांची-चतरा एनएच-22 को दो घंटे तक जाम रखा। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जानकारी के अनुसार, एनटीपीसी की टीम मकईयाटांड पिकेट के पास बिना किसी को जानकारी दिए करीब दो घंटे से ड्रोन उड़ा रही थी। इसकी भनक लगते ही ग्रामीण बाइक से मौके पर पहुंचे और घेराबंदी कर ली। ग्रामीणों ने गुलेल से निशाना लगाकर ड्रोन को गिरा दिया। सीआईएसएफ जवानों की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीणों ने कंपनी के अधिकारियों की गाड़ियों को घेर लिया। ड्रोन फुटेज डिलीट करने का लिखित आश्वासन लिया, शाम 4 बजे छोड़ा: सूचना मिलने पर बालूमाथ थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया। पर ग्रामीण कंपनी के अफसरों संग आमने-सामने बैठकर बात करने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद कंपनी विरोधी नारे लगाते हुए ग्रामीण अधिकारियों को पैदल हराफु मोड़ तक ले गए। वहां उन्हें जमीन पर बैठाकर वार्ता की गई। ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना सर्वे करना गलत है। ड्रोन से बनाए फुटेज डिलीट करने और भविष्य में बिना अनुमति इस तरह का कोई काम नहीं करने का लिखित आश्वासन मांगा। कंपनी के अधिकारियों से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने शाम 4 बजे सभी को मुक्त कर दिया। इससे पहले घटना की सूचना मिलने पर कंपनी के लाइजनर कुणाल कुमार भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उनके खिलाफ ‘दलाल वापस जाओ’ के नारे लगाए और धक्का-मुक्की की। पुलिस ने बीच-बचाव कर उन्हें वहां से निकाला।
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