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कोडरमा और झुमरीतिलैया में पूजन सामग्री की बढ़ी मांग:100 रुपए तक बिका...




दीपावली को लेकर कोडरमा और झुमरीतिलैया के बाजारों में सुबह से ही खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। घरों और दुकानों को सजाने से लेकर लक्ष्मी पूजन की तैयारी तक में लोग जुटे रहे। बाजार में फूल, फल, मिट्टी के दीये, पटाखे और पूजन सामग्री की दुकानों पर खूब भीड़ रही। मांग बढ़ने के साथ फूलों और सजावटी सामान की कीमतों में भी तेजी देखी गई। लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे ज्यादा मांग कमल के फूलों की रही। बाजार में एक कमल का फूल 30 से 100 रुपए तक में बिका। फूलों की कीमत उनके आकार और उपलब्धता के अनुसार अलग-अलग रही। गेंदा और दूसरे फूलों की माला 50 से 100 रुपए प्रति कुड़ी के भाव से बेची गई। वहीं, घर और दुकानों के मुख्य द्वार को सजाने के लिए इस्तेमाल होने वाली अशोक के पत्तों की माला की कीमत 50 से 150 रुपए तक रही। खरीदार अपनी जरूरत और बजट के अनुसार सजावट का सामान खरीदते नजर आए। केले के पौधों की जोड़ी 500 रुपए तक बिकी दीपावली पर घर और प्रतिष्ठानों के मुख्य द्वार पर केले के पौधे लगाने की परंपरा के कारण इसकी भी खूब बिक्री हुई। आसपास के गांवों से व्यापारी केले के पौधे लेकर बाजार पहुंचे थे। बाजार में केले के पेड़ की एक जोड़ी 300 से 500 रुपए तक में बिकी। वहीं, फूलों की दुकानों पर भी सुबह से खरीदारों की आवाजाही लगी रही। ज्यादातर माली खुद ही फूल और सजावट का सामान बेचने के लिए दुकान लगाए हुए थे। इस कारण घरों और दुकानों को सजाने के लिए अलग से कारीगर ढूंढने में लोगों को परेशानी हुई। कई लोग खुद ही फूलों की माला और पत्तों से सजावट का सामान खरीदकर घर ले जाते दिखे। दुकानदारों के अनुसार, त्योहार को देखते हुए फूलों और केले के पौधों की मांग बढ़ गई थी। इसी वजह से बाजार में इनके दाम भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहे। शरीफा और सिंघाड़ा 150 रुपए किलो लक्ष्मी पूजन में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक फलों की भी बाजार में अच्छी मांग रही। इनमें शरीफा यानी सीताफल और सिंघाड़ा यानी पानीफल प्रमुख रहे। दोनों की कीमत 100 से 150 रुपए प्रति किलो तक रही। इसके अलावा अमरख, इमली और गन्ने की भी खूब खरीदारी हुई। पूजा स्थल पर गन्ना रखने की परंपरा के कारण इसकी मांग बनी रही। त्योहार को लेकर फल विक्रेताओं ने भी अपनी दुकानों पर पूजन में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक फल सजाकर रखे थे। सुबह से ही लोग पूजा की थाली और अन्य जरूरी सामग्री के साथ फल खरीदते नजर आए। कई परिवारों ने एक साथ पूजन के लिए जरूरी सामान की खरीदारी की। बाजार में भीड़ के कारण दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही लगातार बनी रही। महंगाई पर भारी पड़ा आस्था का उत्साह त्योहार के मौके पर सामान की बढ़ी कीमतों के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। व्यापारियों द्वारा मनमानी कीमत वसूले जाने की शिकायतों के बीच भी श्रद्धालु खरीदारी करते नजर आए। बाजार में रोशनी के सामान, पटाखे, मिट्टी के दीये और पूजन सामग्री की दुकानों पर रौनक रही। हर कोई अपनी सामर्थ्य के अनुसार मां लक्ष्मी के पूजन की तैयारी में जुटा था। घरों और दुकानों को आकर्षक तरीके से सजाने के लिए लोगों ने फूलों की माला, केले के पौधे और अशोक के पत्ते खरीदे। वहीं, पूजन के लिए फल और अन्य पारंपरिक सामग्री भी जुटाई गई। महंगाई के बावजूद लोगों की आस्था और त्योहार का उत्साह बाजारों में साफ दिखाई दिया। लोगों को उम्मीद है कि मां लक्ष्मी के आगमन से घर-परिवार में सुख, समृद्धि और खुशहाली आएगी।



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