Last Updated:
Success Story: एमबीए पास रांची के विष्णु ने TCS कंपनी की जॉब को ठुकरा दिया. आज वह रांची में दिलीप ढूसका नाम से आउटलेट खोल रखे हैं. जहां 6 लोगों को रोजगार भी दिया है. सरसों के तेल में बनने वाले इस ढूसका को खाने वालों की भीड़ लग जाती है. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में.
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले विष्णु ने एमबीए की पढ़ाई की है. उन्हें टीसीएस कंपनी से जॉब का ऑफर भी आया था, लेकिन उन्होंने इस जॉब को ठुकरा कर खुद का आउटलेट खोला. उनका ढूसका का आउटलेट है, जिसको उन्होंने अपने पिताजी के नाम से खोला है, जिसका नाम दिलीप ढूसका है. आज यह पूरे रांची में एक ब्रांड बन चुका है. हर दिन 10-15 केजी ढूसका और 5 केजी पकौड़ी तक की खपत हो जाती है. यहां स्वाद लेने के लिए आपको 10-15 मिनट खड़ा रहना पड़ेगा, तब जाकर आपको मिलेगा. आइये जानते हैं विष्णु के बारे में.
बता दें कि विष्णु का ढूसका पलक झपकते ही खत्म हो जाता है. आज उनके इस छोटे से आउटलेट में 6 लोग काम करते हैं. लेकिन ये कोई साधारण आउटलेट नहीं है, दिखने में भी बाहर से बड़ा ही खूबसूरत लगता है. एकदम मॉडर्न आउटलेट में है. जो झारखंड के संस्कृति को भी दर्शाता है. ऐसे में यह यूनिक आउटलेट आपको दूर से ही दिख जाएगा. यह एकदम अलग हटके है. यहां उनकी शॉप पर शाम के 5:30 बजते ही लोगों की भीड़ आनी शुरू हो जाती है.
सरसों तेल में फ्राई होता है ढूसका
यहां की सबसे खास बात यह है कि ढूसका आपको पूरे रांची में एकदम अलग टेस्ट में नजर आएगा. वह इसलिए, क्योंकि यहां पर एकदम शुद्ध सरसों के तेल में फ्राई होता है. रिफाइन का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं होता है. विष्णु बताते हैं कि हम लोग तेल की शुद्धता पर विशेष ध्यान रखते हैं. क्योंकि यही चीज होती है जो टेस्ट को एकदम अलग कर देती है और साथ में आलू और चने का सब्जी भी दी जाती है.
बता दें कि चावल और दाल के मिश्रण से यह बनाया जाता है. चावल और दाल दोनों अच्छी क्वालिटी का होता है. अगर आपके प्रोडक्ट में गुणवत्ता है तो फिर उसको हिट होने से कोई नहीं रोक सकता है. बस ईमानदारी चाहिए होता है. ऐसा कभी-कभी होता है कि ग्राहक आते हैं और उन्हें खाली हाथ जाना पड़ता है. क्योंकि उनके पास इतना अधिक स्टॉक नहीं बच पाता है.
यहां पकौड़ी का भी मिलेगा स्वाद
इसके अलावा आपको पकौड़ी भी खाने को मिलेगी. पकौड़ी भी प्याज, पत्तागोभी व दो-तीन तरह के साग को मिलाकर बनाई जाती है, जो खाने में बड़ी ही टेस्टी लगती है. वह भी सरसों के तेल में ही फ्राई होती है. लोग यहां पर दुसका पकौड़ी दोनों का कोंबो खाना पसंद करते हैं. अभी फिलहाल आलम यह है कि ये रांची का दूसरा हॉटस्पॉट बना हुआ है.
विष्णु बताते हैं कि ऑफर्स तो बहुत सारे कंपनी से आए है. जहां टीसीएस से भी आए लेकिन उन्होंने देखा कि जितनी सैलरी वहां मिल रहा है. इससे ज्यादा तो वह यहां कमा ले रहे हैं. वह भी अपना बॉस बनके रह रहे हैं. पहले वह खुद जॉब की तलाश में थे. आज वह खुद से लोगों को नौकरी दे रहा हैं और उनका अगला टारगेट रांची में ऐसे 3-4 और आउटलेट खोलना है.
About the Author
बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें