TMC-BJP Performance in Both Phase: पश्चिम बंगाल में इस बार ‘भगवा’ लहराया है. टीएमसी की बुरी हार हुई है. दोफेज में हुए विधानसभा चुनाव में कुल 92.47% मतदान हुआ, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा था. चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ताजा रुझानों में भाजपा 294 सीटों में से 199 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि टीएमसी 90 सीटों से भी नीचे आ गई है. आइए देखते हैं कि दोनों चरणों में पार्टियों का प्रदर्शन कैसा रहा.
पहला चरण (23 अप्रैल 2026): उत्तर बंगाल और भाजपा का ‘विजय रथ’
पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हुआ था. यहां रिकॉर्ड 93.19% वोटिंग दर्ज की गई.
- भाजपा का दबदबा: पहले चरण में भाजपा ने अपनी पकड़ बहुत मजबूत रखी. विशेष रूप से उत्तर बंगाल के जिलों में, जहाँ भाजपा ने पहले भी बेहतर प्रदर्शन किया था, इस बार लगभग ‘क्लीन स्वीप’ जैसी स्थिति नजर आ रही है. चाय बागान और औद्योगिक क्षेत्रों के मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में जमकर मतदान किया.
- टीएमसी की स्थिति: टीएमसी को यहां स्थानीय सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ा. विकास के मुद्दों और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते ममता बनर्जी का जादू यहां बेअसर रहा.
दूसरा चरण (29 अप्रैल 2026): दक्षिण बंगाल में सेंधमारी
दूसरे चरण में 8 जिलों की 142 सीटों पर मतदान हुआ. इसमें कोलकाता और उसके आसपास के इलाके शामिल थे, जिन्हें पारंपरिक रूप से टीएमसी का गढ़ माना जाता रहा है. यहाँ 91.66% मतदान हुआ.
- कड़ा मुकाबला: दूसरे चरण में उम्मीद थी कि टीएमसी अपनी खोई हुई जमीन वापस पाएगी, लेकिन रुझान बताते हैं कि भाजपा ने यहाँ भी टीएमसी को कड़ी टक्कर दी है. दक्षिण बंगाल के ग्रामीण इलाकों में भाजपा ने कल्याणकारी योजनाओं के दम पर पैठ बनाई.
- हाई-प्रोफाइल सीटें: भवानीपुर और कोलकाता की शहरी सीटों पर भी भाजपा के उम्मीदवारों ने टीएमसी के दिग्गजों की नींद उड़ा दी है. हालांकि, कोलकाता के कुछ शहरी क्षेत्रों में टीएमसी ने अपनी बढ़त बनाए रखी है, लेकिन वह सरकार बचाने के लिए पर्याप्त नहीं दिख रही है.
फेज-वाइज तुलना: किसने मारी बाजी?
यदि दोनों चरणों की तुलना करें, तो भाजपा ने पहले चरण (Phase 1) में टीएमसी के मुकाबले कहीं अधिक ‘बेहतर’ परफॉर्म किया है. पहले चरण की बढ़त ने ही भाजपा को वह मनोवैज्ञानिक लाभ दिया, जिससे दूसरे चरण में टीएमसी के गढ़ में घुसना उनके लिए आसान हो गया.
- भाजपा: पहले चरण में जबरदस्त बढ़त, दूसरे चरण में टीएमसी के गढ़ में ऐतिहासिक सेंधमारी.
- टीएमसी: पहले चरण में भारी नुकसान, दूसरे चरण में कुछ शहरी सीटों पर अपनी साख बचाने की कोशिश.
कुल मिलाकर, 2026 का चुनाव बंगाल में ‘परिवर्तन’ का चुनाव साबित हुआ है. भाजपा ने दोनों ही चरणों में योजनाबद्ध तरीके से काम किया और मतदाताओं के एक बड़े वर्ग, विशेषकर युवाओं और महिलाओं को अपने पाले में करने में सफल रही. रिकॉर्ड तोड़ मतदान प्रतिशत ने सत्ता पक्ष के खिलाफ स्पष्ट जनादेश दिया है.
पहले और दूसरे चरण में कुल कितनी सीटों पर मतदान हुआ?
पहले चरण (23 अप्रैल) में 152 सीटों पर और दूसरे चरण (29 अप्रैल) में 142 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ.
किस चरण में सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया?
पहले चरण में रिकॉर्ड तोड़ 93.19% मतदान दर्ज किया गया, जबकि दूसरे चरण में 91.66% वोटिंग हुई.
रुझानों के अनुसार भाजपा और टीएमसी कितनी सीटों पर आगे चल रही हैं?
भाजपा 176-192 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, वहीं टीएमसी 92-94 सीटों के आसपास सिमटती नजर आ रही है.
उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के चुनावी मिजाज में क्या अंतर देखा गया?
उत्तर बंगाल (Phase 1) में भाजपा का प्रदर्शन एकतरफा रहा, जबकि दक्षिण बंगाल (Phase 2) में कड़ा मुकाबला देखने को मिला, हालांकि यहाँ भी भाजपा ने टीएमसी के गढ़ में बड़ी सेंध लगाई.