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JAC Board 12th Topper: इस बार के झारखंड बोर्ड 12वीं के नतीजों में पलामू, सतबरवा की सना आफरीन ने विज्ञान संकाय में राज्य में तीसरा स्थान पाया है. सना के 500 में 481 अंक आए हैं. उन्होंने ये सफलता बिना कोचिंग के केवल सेल्फ स्टडी से पायी है साथ ही यूट्यूब से ट्यूटोरियल भी लिए.
पलामू. जैक 12वीं विज्ञान संकाय परीक्षा में सतबरवा की बेटी सना आफरीन ने शानदार प्रदर्शन कर पूरे पलामू जिले का नाम रोशन किया है. पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड के मस्जिद मुहल्ला निवासी सना ने 500 में 481 अंक यानी 96.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया है. प्लस-2 हाई स्कूल सतबरवा की छात्रा सना की इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है. खास बात यह है कि सना ने बिना किसी कोचिंग और ट्यूशन के केवल सेल्फ स्टडी और यूट्यूब की मदद से यह मुकाम हासिल किया है.
मैट्रिक में भी लाई थी शानदार अंक
सना शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं. इससे पहले 10वीं बोर्ड परीक्षा में भी उन्होंने जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया था. सना बताती हैं कि उन्हें अच्छे अंक आने का भरोसा था, लेकिन राज्य के टॉप थ्री में जगह मिलेगी, इसकी उम्मीद नहीं थी. रिजल्ट आने के बाद जब उन्हें राज्य में तीसरा स्थान मिलने की जानकारी मिली तो परिवार समेत पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई.
रोज 7 घंटे करती थी सेल्फ स्टडी
सना ने लोकल18 को बताया कि उनकी सफलता का सबसे बड़ा राज नियमित पढ़ाई और आत्मविश्वास है. वह रोज स्कूल जाती थीं और सभी क्लास नियमित रूप से अटेंड करती थीं. घर लौटने के बाद करीब सात घंटे सेल्फ स्टडी करती थीं. हालांकि, उन्होंने कभी पढ़ाई के लिए तय समय नहीं बनाया, बल्कि रोज का लक्ष्य तय कर पढ़ाई करती थीं. सना कहती हैं कि वह शॉर्ट नोट्स बनाकर लगातार रिवीजन करती थीं, जिससे विषयों को याद रखने में आसानी होती थी.
यूट्यूब बना पढ़ाई का साथी
सना ने कभी किसी ट्यूशन या कोचिंग का सहारा नहीं लिया. पढ़ाई के दौरान उन्हें जहां भी किसी विषय में परेशानी होती थी, वह यूट्यूब की मदद लेती थीं. उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया और शॉर्ट वीडियो से दूरी बना ली थी. उनका पूरा फोकस सिर्फ पढ़ाई और अपने लक्ष्य पर था. सना का कहना है कि अगर छात्र-छात्राएं निरंतरता और ईमानदारी से पढ़ाई करें तो बिना कोचिंग भी सफलता पायी जा सकती है.
शिक्षक से मिली आईएएस बनने की प्रेरणा
सना बचपन से शिक्षिका बनना चाहती थीं, लेकिन स्कूल के फिजिक्स शिक्षक अभिषेक कुमार तिवारी से उन्हें नई प्रेरणा मिली. अभिषेक सर ऑनलाइन क्लास के दौरान कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को छात्रों से जोड़ते थे. उन अधिकारियों की बातें सुनकर सना ने अब आईएएस बनने का लक्ष्य तय किया है. आगे वह ग्रेजुएशन में बायोलॉजी विषय लेकर पढ़ाई करेंगी और साथ ही टीचिंग का अपना जुनून भी जारी रखेंगी.
बेटी की सफलता पर परिवार और शिक्षक गौरवान्वित
सना के पिता मो. रज्जुद्दीन इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी होने के साथ आंगनबाड़ी में शिक्षिका हैं. पिता ने बताया कि सना शुरू से ही पढ़ाई में तेज रही हैं और परिवार ने हमेशा उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. वहीं शिक्षक अभिषेक तिवारी ने कहा कि सना बेहद मेधावी छात्रा है. उसके सवाल शिक्षकों को भी नए तरीके से सोचने पर मजबूर कर देते थे. बिना कोचिंग और ट्यूशन के उसकी यह सफलता आने वाले छात्रों के लिए बड़ी प्रेरणा है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें