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JAC 12th Second Topper 2026: झारखंड बोर्ड 12वीं रिजल्ट में पलामू के फैजान आलम ने 500 में 483 अंक हासिल कर टॉप किया है. आलम ने राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया है. बता दें कि फैजान के पिता गुजरात में मजदूरी करते हैं. वहीं, उनकी मां हमेशा बीमार रहती हैं. आइये जानते हैं फैजान की सफलता के बारे में.
पलामू: ‘लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.’ यह पंक्तियां झारखंड बोर्ड के 12वीं परीक्षा परिणाम में सच साबित हुई हैं. 6 मई 2026 बुधवार को जारी नतीजों में पलामू जिले के शाहपुर निवासी फैजान आलम ने 500 में 483 अंक हासिल कर जिले में पहला और पूरे राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद फैजान ने यह उपलब्धि हासिल कर युवाओं के लिए मिसाल पेश की है.
फैजान आलम के पिता एम.डी. शकील अहमद गुजरात में मजदूरी करते हैं. जबकि उनकी मां कौशर बानो गृहिणी हैं और पिछले कुछ वर्षों से बीमार चल रही हैं. फैजान अपनी मां की बीमारी के इलाज के लिए हर तीन महीने में वेल्लोर जाना पड़ता है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति और भी कमजोर हो जाती है. इन कठिन हालातों के बीच भी फैजान ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आर.के. प्लस टू उच्च विद्यालय, पाटन से पढ़ाई करते हुए यह मुकाम हासिल किया.
मेहनत और अनुशासन का मंत्र
फैजान ने लोकल 18 को बताया कि उन्हें शुरुआत में भरोसा नहीं हुआ कि वे राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त कर चुके हैं. रिश्तेदारों के फोन आने के बाद ही उन्हें अपनी सफलता का एहसास हुआ. साथ ही बताया कि उन्होंने नियमित शेड्यूल बनाकर पढ़ाई की. वे रोजाना 5 से 6 घंटे पढ़ाई करते थे और दिन में 2 से 3 बार अपना अध्ययन कार्यक्रम तय करते थे. ट्यूशन के बाद घर के काम और मां की देखभाल करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था. कई बार देर रात 11 से 12 बजे तक पढ़ाई करनी पड़ती थी.
परिवार का सहयोग बना ताकत
फैजान अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और मामा को देते हैं. उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान उनके छोटे भाई ने घर के कामों में मदद की, जिससे उन्हें पढ़ाई के लिए समय मिल सका. परिवार के सहयोग और अपने समर्पण के कारण ही वे इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं. मां की देखभाल और घर की जिम्मेदारी के साथ फैजान ने इस सफलता को पाया है.
सिविल सेवा में जानें का है सपना
फैजान आलम का सपना सिविल सेवा में जाना है. उन्होंने कहा कि समाज में हो रहे अन्याय और अत्याचार को बदलने के लिए वे प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते हैं, ताकि अधिकार मिलने पर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें. उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि पढ़ाई को शुरुआत से ही गंभीरता से लें, ताकि परीक्षा के समय दबाव न बढ़े.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें