Today Weather Live: मई के महीने में कई राज्यों में तपिश गायब है. हालांकि दिल्ली-NCR में गर्मी बढ़ने की संभावना है. लेकिन देश के कई हिस्सों में लोग गर्मी से ज्यादा अब तूफान और आंधी को लेकर डरे हुए हैं. मौसम विभाग (IMD) ने जो अलर्ट जारी किया है, उसने उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक चिंता बढ़ा दी है. यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा जैसे राज्यों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है. IMD का कहना है कि इस बार प्री-मानसून एक्टिविटी सामान्य से अधिक सक्रिय है. यही वजह है कि कई राज्यों में अचानक तेज बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात का खतरा बढ़ गया है. सबसे ज्यादा चिंता किसानों को लेकर है क्योंकि कई जगहों पर गेहूं और सब्जियों की फसल कटाई के अंतिम दौर में है. ऐसे में तेज आंधी और बारिश भारी नुकसान पहुंचा सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले मैदानों से दूर रहने और बिजली गिरने के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है. पहाड़ी राज्यों में भी हालात सामान्य नहीं हैं. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है.
हिमाचल प्रदेश में मंडी, कुल्लू, शिमला और चंबा में तेज बारिश और अंधड़ का अलर्ट.
- देश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान मौसम ने तेजी से करवट बदली है. उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जहां कुछ दिन पहले तक भीषण गर्मी और लू का असर दिखाई दे रहा था, वहीं अब तेज हवाओं और बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट आई है. मौसम विभाग के अनुसार 10 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे उत्तर भारत में आंधी और बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं. कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से 4 से 7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया है.
- पूर्वोत्तर भारत में हालात सबसे ज्यादा संवेदनशील बने हुए हैं. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में लगातार बादल छाए रहने से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन तेज तूफानी हवाओं ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और जलभराव जैसी स्थितियां बन सकती हैं. प्रशासन को पहले से अलर्ट पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन टीमों को भी सक्रिय किया गया है.
दिल्ली-NCR में गर्मी और बारिश का मिला-जुला असर
दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है. सुबह और शाम के समय हल्की ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि 10 मई के बाद फिर से आंधी और बारिश का दौर तेज हो सकता है. अगले दो दिनों तक आंशिक बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है. दिल्ली में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. वहीं नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी मौसम लगभग इसी तरह बना रहेगा.
यूपी में तेज आंधी और बारिश का डबल अलर्ट
बिहार में 70KM की रफ्तार से तूफान का खतरा
बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं. पटना, गया, भागलपुर, किशनगंज, अररिया और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश और तेज तूफान की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने कहा है कि कई जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. ठनका गिरने का खतरा भी बना हुआ है. किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है. पटना में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.
झारखंड में बारिश और अंधड़ से बढ़ी चिंता
झारखंड के रांची, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो और खूंटी में भारी बारिश और तेज अंधड़ का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. कई जिलों में बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से खुले स्थानों पर न जाने की अपील की है. रांची में तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.
उत्तराखंड में अगले दो दिनों तक मौसम थोड़ा शांत रह सकता है.
राजस्थान में फिर लौटेगी भीषण गर्मी
मध्य प्रदेश में तेज हवा और बिजली गिरने की चेतावनी
मध्य प्रदेश के शहडोल, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सतना और डिंडोरी समेत कई जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने कहा है कि कई इलाकों में तेज बिजली गिर सकती है. भोपाल और इंदौर में तापमान सामान्य से कम बना हुआ है. भोपाल में अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
पंजाब-हरियाणा में बदलेगा मौसम का मिजाज
- पंजाब में 11 मई तक बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर और पठानकोट में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. किसानों को खासतौर पर सतर्क रहने को कहा गया है क्योंकि तेज हवाएं फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. कई इलाकों में धूल भरी आंधी भी चल सकती है.
- हरियाणा में अगले दो दिन मौसम सामान्य रह सकता है, लेकिन 10 और 11 मई को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद बारिश और आंधी की गतिविधियां बढ़ जाएंगी. अंबाला, करनाल, पानीपत और गुरुग्राम समेत कई जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि 13 मई तक गर्मी पर काफी हद तक ब्रेक लग सकता है.
उत्तराखंड में फिर बढ़ेगा बर्फबारी और बारिश का खतरा
उत्तराखंड में अगले दो दिनों तक मौसम थोड़ा शांत रह सकता है, लेकिन 10 मई से फिर बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. चमोली, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी.
हिमाचल में बारिश और ओलावृष्टि का असर
हिमाचल प्रदेश में मंडी, कुल्लू, शिमला और चंबा में तेज बारिश और अंधड़ का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि 11 और 12 मई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब रहेगा. कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज हवाएं चल सकती हैं. इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी.
पूर्वोत्तर राज्यों में 80KM की रफ्तार से तूफान
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और पश्चिम बंगाल में अगले कई दिनों तक तेज बारिश और तूफानी हवाओं का असर बना रहेगा. मौसम विभाग ने कहा है कि कई जगहों पर 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. बिजली गिरने और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है. प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश का खतरा
तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मन्नार की खाड़ी में बन रहे सिस्टम के चलते तटीय इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है. कई राज्यों में तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है.
क्या 80KM की रफ्तार से आने वाला तूफान बेहद खतरनाक होता है?
हां, 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं काफी नुकसान पहुंचा सकती हैं. इससे पेड़ उखड़ सकते हैं, बिजली के खंभे गिर सकते हैं और कच्चे मकानों को भारी नुकसान हो सकता है. खुले में मौजूद लोगों के लिए यह बेहद खतरनाक स्थिति बन सकती है.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा बताया गया है?
मौसम विभाग के अनुसार बिहार, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा संवेदनशील राज्यों में शामिल हैं. यहां तेज आंधी, बिजली और भारी बारिश की आशंका है.
क्या इस मौसम बदलाव का असर किसानों पर पड़ेगा?
बिल्कुल. कई राज्यों में फसल कटाई का समय चल रहा है. ऐसे में तेज बारिश, ओले और तूफानी हवाएं सब्जियों और फल की फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है.
क्या मानसून जल्दी आने के संकेत हैं?
मौसम विभाग का मानना है कि प्री-मानसून गतिविधियों का तेजी से सक्रिय होना मानसून के जल्द आगे बढ़ने का संकेत हो सकता है. हालांकि अभी मानसून की आधिकारिक तारीख में कोई बदलाव घोषित नहीं किया गया है.
खराब मौसम के दौरान लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए. आंधी और बिजली गिरने के दौरान मोबाइल चार्जिंग या खुले स्थान पर फोन इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर देखना चाहिए.