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स्व. रीता देवी के बेटे संतोष चौधरी की रिपोर्ट पुराने मॉडल के भट्ठा का रिन्यूवल नहीं, जिले में अभी 95 प्रतिशत ईंट भट्ठे अवैध
ईंट भट्ठा संचालकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अवैध भट्ठा चलाना उनकी मजबूरी है। क्योंकि, पुराने मॉडल के भट्ठा का रिन्यूवल नहीं हो रहा है। कहीं से एनओसी नहीं मिल रही है। नए नियम के तहत भट्ठा की चिमनी में पंखा और हाइड्रा लगाना है। इसके अलावा अन्य शर्तों का पालन करना है। इस वजह से जिले में चल रहे 95 प्रतिशत भट्ठों का रिन्यूवल नहीं हो पाया है। सभी अवैध तरीके से चल रहे हैं। नए भट्ठे 5 प्रतिशत ही हैं। अभी तक सभी जगह मैनेज करके ही काम चलाया जा रहा है। बिना लाइसेंस मिट्टी खोदकर ईंट बनाकर बेचा, अब पेनाल्टी वसूल कर मिली माफी
मैक्लुस्कीगंज और खलारी क्षेत्र में 22 ईंट भट्ठा संचालकों ने बिना माइनिंग लाइसेंस के ही जमीन से मिट्टी खोदकर ईंटें बनाई और फिर उसे बेचकर मुनाफा कमा लिया। इसके बाद जिला प्रशासन ने प्रति लाइसेंस 54 हजार रुपए फीस सहित 1.42 लाख रुपए की पेनाल्टी वसूली। लेकिन पेनाल्टी देने के बाद अवैध भट्ठा चलाने की छूट मिल गई। क्योंकि, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद और स्टेट इंपैक्ट असेस्मेंट अथॉरिटी ने अवैध भट्ठा संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं की। फिलहाल बारिश के कारण अधिकतर भट्ठे बंद हैं। कागजी आदेश का सच मैक्लुस्कीगंज में एक ही जगह दिख जाएंगी आधा दर्जन ईंट भट्ठों की चिमनियां, जिनमें नए नियमों का पालन नहीं, दिन-रात उगल रहे धुएं। अवैध भट्ठे हर हाल में बंद होंगे, कागजात की जांच करेंगे
वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है
20 जनवरी 2026 को ईंट भट्ठा संचालकों को भट्ठा चलाने के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति, सीटीओ और खनन लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही संचालन के लिए नोटिस जारी किया गया। 12 फरवरी 2026 को डीएमओ ने सभी सीओ को पत्र लिखकर उनके क्षेत्र में बिना लाइसेंस चल रहे ईंट भट्ठों को बंद करने कहा। 7 मार्च 2026 को डीएमओ ने सभी ईंट भट्ठा संचालकों को नोटिस जारी कर सभी कागजात की मांग की। कागजात नहीं देने वाले भट्ठा संचालकों पर करीब 32 लाख रु. पेनाल्टी लगाई गई। रांची की आबोहवा दिनों दिन खराब हो रही है। जिले के सबसे ठंडे क्षेत्र मैक्लुस्कीगंज की हवा भी अब प्रदूषित हो रही है। क्योंकि, इस क्षेत्र में अवैध रूप से चल दर्जनों ईंट भट्ठों से निकलने वाला जहर घुल रहा है। अवैध भट्ठों के खिलाफ विधायक प्रकाश राम ने 10 मार्च 2026 को विधानसभा सत्र में सवाल पूछा था। इसके जवाब में सरकार की ओर से बताया गया कि मैक्लुस्कीगंज में 30 ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है। इनमें से 22 भट्ठा संचालकों ने माइनिंग लाइसेंस नहीं लिया था। लाइसेंस नहीं होने पर भट्टा को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया है। दैनिक भास्कर ने जब ग्राउंड पर जाकर सरकार के आदेश की पड़ताल की तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। चान्हों, खलारी से मैक्लुस्कीगंज के बीच करीब 36 ईंट भट्ठे हैं। इनमें कुछ भट्ठे बंद हो गए हैं, जबकि करीब 20 भट्ठे अभी भी चल रहे हैं।
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