बोकारो: अचार एक ऐसा व्यवसाय है, जिसकी मांग साल भर बनी रहती है. चाहे गर्मी हो या सर्दी, लोग खाने के साथ अचार खाना बेहद पसंद करते हैं. यही वजह है कि कम लागत में शुरू होने वाला यह बिजनेस युवाओं के लिए अच्छा रोजगार विकल्प बनता जा रहा है. ऐसे में बोकारो में राजस्थानी अचार के संचालक संदीप पिछले 4 सालों से अचार व्यवसाय से जुड़े हुए हैं. उन्होंने अचार कारोबार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं. आइये जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा.
संदीप ने बताया कि अचार का व्यवसाय ऐसा कारोबार है, जिसे कोई भी व्यक्ति महज 30 हजार रुपये की शुरुआती लागत से शुरू कर सकता है. उन्होंने कहा कि सही गुणवत्ता और अच्छी मार्केटिंग के जरिए इस बिजनेस से हर महीने 40 से 50 हजार रुपये तक की कमाई आसानी से की जा सकती है. जहां अचार व्यवसाय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सामान जल्दी खराब होने का खतरा कम होता है और घर की चीजों से ही अच्छा पैसा कमा सकते हैं.
अचार में इन चीजों की पड़ेगी आवश्यकता
संदीप के अनुसार छोटे शहरों में अचार का बिजनेस शुरू करने के लिए करीब 30,000 हजार लागत की जरूरत पड़ती है, जिसमें लगभग 5000 रूपये दुकान किराया, 10000 रुपये का कच्चा माल जैसे आम, नींबू, मिर्च, लहसुन, अदरक और मिक्स वेज, 5000 रूपये का मसाले और तेल, 5000 रूपये का जार और पैकिंग कंटेनर, 5000 रूपये स्टीकर और ब्रांडिंग और 5000 रूपये गैस, बर्तन और बिजली खर्च शामिल है. इसके अलावा आप घर मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों से रेडीमेड अचार मंगवाकर भी बिक्री कर सकते हैं.
संदीप ने बताया अचार की बिक्री के लिए शॉपिंग सेंटर, हाट बाजार, लोकल मार्केट, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज और मेला प्रदर्शनी में आसानी से बिक्री की जा सकती है और स्वाद और गुणवत्ता अच्छी होने पर ग्राहक खुद जुड़ने लगते हैं. वहीं, इस व्यवसाय में साफ-सफाई सबसे जरूरी होती है. क्योंकि थोड़ी सी भूल से अचार का स्वाद बिगाड़ सकता है और नुकसान हो सकता है. इसके अलावा अचार बनाने के लिए हमेशा बेहतरीन क्वालिट के तेल और मसालों का उपयोग करना चाहिए. तभी अचार लंबे समय तक स्वादिष्ट और सुरक्षित रहता है.
मेला और प्रदर्शनी में जरूर लें हिस्सा
वहीं, अचार के बिजनेस बढ़ाने के लिए प्रदर्शनी और मेलों में हिस्सा लेना चाहिए. वहां लोगों को फ्री टेस्टिंग कराने से ग्राहक तेजी से बढ़ते हैं साथ ही 1 किलो, 500 ग्राम और 250 ग्राम के जार रखने चाहिए. ताकि ग्राहक अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से खरीदारी कर सकें. अगर हम कमाई की बात करें तो एक किलो अचार तैयार करने में करीब ₹200 से 250 रूपये तक की लागत आती है. जबकि बाजार में इसे 300 से ₹350 प्रति किलो तक बेचा जाता है. ऐसे में प्रति बोतल लगभग ₹50 रूपये के मार्जिन से भी अगर रोजाना 20 से 30 किलो अचार की भी बिक्री होती है तो महीने में 30 हजार से लेकर 50000 की कमाई आसानी से कर सकते हैं.
आखिर में संदीप का कहना है कि अचार व्यवसाय में साफ-सफाई, गुणवत्ता और ग्राहकों का फीडबैक सबसे ज्यादा मायने रखता है. यदि इन बातों का ध्यान रखा जाए तो इस छोटे बिजनेस को लंबे समय तक सफलतापूर्वक बढ़ाया जा सकता है.