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हूबहू E5 Shinkansen जैसी! भारत में बुलेट ट्रेन की प्रस्‍ताव‍ित ड‍िजाइन देखकर...


भारत में बुलेट ट्रेन को लेकर लंबे समय से जो सपना देखा जा रहा था, उसकी एक झलक दिख गई है. दरअसल, रेल भवन में बुलेट ट्रेन की एक प्रस्‍ताव‍ित ड‍िजाइन वाली तस्‍वीर लगाई गई है. इसमें एक चिकनी, लंबी, तेज और स्‍मार्ट ट्रेन द‍िख रही, जो काफी खूबसूरत नजर आ रही है. लेकिन इसे देखकर लोग कह रहे क‍ि यह तो हूबहू जापान की E5 Shinkansen है… तो हम बता रहे हैं क‍ि जापान की E5 Shinkansen ट्रेन की खूब‍ियां क्‍या हैं? स्‍पीड क‍ितनी है?

E5 Shinkansen जापान की सबसे आधुनिक हाई-स्पीड ट्रेनों में से एक है, जिसे आमतौर पर Hayabusa नाम से जाना जाता है. यह ट्रेन जापान के टोक्यो से लेकर उत्तरी हिस्सों तक दौड़ती है और इसकी रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाती है. लेकिन Shinkansen सिर्फ तेज नहीं है, ये स्मार्ट, सेफ और साइलेंट सिस्टम का पैकेज है.

नाक लंबी है, वजह बहुत साइंट‍िफ‍िक

अगर आपने इस ट्रेन का फ्रंट देखा होगा, तो वो किसी चोंच या नाक जैसा लगता है. इसे यूं ही डिजाइन नहीं किया गया है. E5 Shinkansen की लंबी नाक टनल में घुसते समय तेज हवा के दबाव को कम करती है. टनल बूम यानी जोरदार धमाके जैसी आवाज को रोकती है. यह हवा का रेजिस्टेंस कम करती है. यानी यह डिजाइन सिर्फ स्टाइल नहीं, बल्कि पूरी साइंस है.

स्पीड ही नहीं, स्मूथनेस भी असली खेल

  1. E5 Shinkansen 300 क‍िलोमीट प्रत‍िघंटे से ज्‍यादा की रफ्तार से दौड़ती है, लेकिन यात्री को झटका तक महसूस नहीं होता.
  2. इसका कारण इसमें लगा एडवांस्ड सस्पेंशन सिस्टम है. जो झटका लगने नहीं देता और तेज झटके पर भी पैसेंजर्स को ब‍िल्‍कुल भी पता नहीं चलता.
  3. इसमें लीनियर मोटर टेक्नोलॉजी लगी हुई है जो क‍िसी भी तरह का प्रेशर झेल सकती है. इसकीअल्ट्रा-स्मूद ट्रैक डिजाइन है.
  4. जापान में इसे इतना भरोसेमंद माना जाता है कि इसकी समय की देरी को सेकंड में मापा जाता है, मिनटों में नहीं.

भूकंप आए तो भी ट्रेन समझ जाती है पहले

जापान भूकंप वाला देश है, और यही वजह है कि Shinkansen को दुनिया की सबसे सुरक्षित रेल प्रणालियों में गिना जाता है. इस ट्रेन में सेंसर सिस्टम भूकंप के झटकों को तुरंत पकड़ लेते हैं. ऑटोमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम एक्‍ट‍िव हो जाता है. ट्रेन कुछ ही सेकंड में रुक सकती है. यानी प्रकृति से भी पहले रिएक्ट करने वाली ट्रेन.

शोर कम, आराम ज्यादा

E5 Shinkansen का केबिन इतना शांत होता है कि अंदर बैठकर लगता है जैसे कोई हाई-एंड एयरक्राफ्ट में बैठे हों. इसमें साउंड इंसुलेशन टेक्नोलॉजी लगी है, जिससे कंपन काफी कम होता है. एयर प्रेशर बैलेंसिंग स‍िस्‍टम है. यात्रियों को न सिर्फ स्पीड मिलती है, बल्कि लक्जरी फ्लाइट जैसा अनुभव भी मिलता है.

भारत की बुलेट ट्रेन से कनेक्शन क्या है?

भारत का जो मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बन रहा है, उसमें जापान की Shinkansen तकनीक का ही इस्तेमाल हो रहा है.  यानी ट्रेन टेक्नोलॉजी जापान की, सुरक्षा सिस्टम जापान का, डिजाइन फिलॉसफी जापान की… इसलिए जो तस्वीर सामने आई है, वह काफी हद तक E5 Shinkansen जैसी लगती है…क्योंकि आधार वही है.

ऊर्जा और इकोनॉमी का खेल भी समझिए

Shinkansen ट्रेनें इलेक्ट्रिक होती हैं. हाई एफिशिएंसी मोटर्स का इस्तेमाल करती हैं. प्रति यात्री कम ऊर्जा खर्च करती हैं. यानी यह सिर्फ तेज नहीं, बल्कि ग्रीन ट्रांसपोर्ट भी है.

तो क्या भारत में यही ट्रेन चलेगी?

सीधा जवाब पूरा मॉडल E5 जैसा नहीं होगा, लेकिन उसकी टेक्नोलॉजी और डिजाइन भाषा से काफी मेल खाता सिस्टम होगा.भारत में ट्रैक, मौसम, भीड़ और ऑपरेशन अलग हैं, इसलिए कुछ बदलाव जरूर होंगे. लेकिन मूल DNA जापानी Shinkansen का ही रहेगा.



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