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Weather Scientist Alert For Rain: ऐसी भीषण गर्मी पड़ रही है, बाहर धूप क्या घर भी भट्टी बन गए हैं. कूलर-पंखे तो इस गर्मी के आगे फेल हो गए हैं. अब तो एसी ही सहारा है. लेकिन, एसी तो सभी अफोर्ड नहीं कर सकते हैं, ऊपर बिजली की हाई डिमांड के बाद पावर कट भी होने की संभावना बढ़ जाता है. आईएमडी ने अगले 6-7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में भयंकर लू का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है. उत्तर प्रदेश (यूपी), राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश भट्टी की तरह तप रहे हैं. लेकिन, इन सबके बीच स्काईमेट के मौसम विज्ञानी महेश पहलावत ने एक बड़ी खुशखबरी दी है. पहाड़ों, पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है. दिल्ली-पंजाब और हरियाणा में भी आंधी-बारिश से राहत की उम्मीद है.
पूरे उत्तर भारत में पारा 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. लू तो ऐसी चल रही है कि मानों शरीर पानी सोख लेगी. आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. मौसम विभाग (आईएमडी) की ताजा चेतावनी ने लोगों के पसीने और छुड़ा दिए हैं, क्योंकि अगले एक हफ्ते तक इस जानलेवा गर्मी से कोई बड़ी राहत मिलती नहीं दिख रही है. लेकिन, निराशा और तपिश के इस रेगिस्तान के बीच स्काईमेट वेदर से एक ठंडी हवा का झोंका भी आया है. भीषण गर्मी के बीच कुछ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है.
आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी, मध्य और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों के साथ-साथ प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में अगले छह से सात दिनों तक लू का भयंकर प्रकोप जारी रहेगा. मई के इस आखिरी हफ्ते में आसमान से आग बरसने का यह सिलसिला थमेगा नहीं. 23 से 28 मई तक लोगों को चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों का कड़ा सामना करना पड़ेगा. प्रशासन ने लोगों को बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है.
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लोगों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट बेहद डराने वाला है. 22 से 28 मई तक इन दोनों राज्यों के कई इलाकों में भयानक लू चलने की आशंका है. विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में ‘भीषण लू’ का अलर्ट जारी किया गया है. यहां दिन के समय सूरज की तपिश इतनी तेज होगी कि सड़कों पर सन्नाटा पसर सकता है. कई शहरों में अधिकतम तापमान अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है.
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देश की राजधानी दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा भी इस हीटवेव के टॉर्चर से अछूते नहीं रहेंगे. मौसम विभाग ने 23 से 28 मई के बीच इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में लगातार लू चलने की प्रबल संभावना जताई है. स्थिति और भी बदतर तब होगी जब 24 से 27 मई के बीच इन राज्यों के कई इलाकों में भीषण लू का अलर्ट सक्रिय हो जाएगा. दिल्ली एनसीआर में तो कंक्रीट की इमारतों के बीच गर्मी का यह सितम लोगों को पूरी तरह बेहाल कर देगा.
रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में गर्मी पहले ही अपने चरम स्तर पर पहुंच चुकी है. मौसम विभाग के मुताबिक, 23 से 28 मई के दौरान राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में लू का कहर बदस्तूर जारी रहेगा. सबसे ज्यादा परेशानी पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में होगी, जहां 24 से 28 मई के बीच भीषण लू की जानलेवा स्थिति बनेगी. यहां रेत इतनी गर्म हो जाएगी कि आम जनजीवन पूरी तरह से ठप होने की कगार पर पहुंच जाएगा.
गर्मी का यह खौफनाक दायरा सिर्फ उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक सीमित नहीं है. मौसम विभाग ने बताया है कि महाराष्ट्र के विदर्भ, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना में भी 23 से 28 मई के बीच झुलसाने वाली लू चलेगी. सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि पहाड़ों पर बसे जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के निचले हिस्सों में भी अलग-अलग तारीखों पर लू या भीषण लू की स्थिति रहने का पूर्वानुमान है, जो ग्लोबल वार्मिंग का एक स्पष्ट और खतरनाक संकेत है.
गर्मी का यह टॉर्चर सिर्फ दिन के उजाले तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रात के अंधेरे में भी लोगों को चैन की नींद नसीब नहीं होगी. मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कुछ इलाकों में 23 से 24 मई तक रात के समय भी मौसम बेहद गर्म रहने का अनुमान है. इसके अलावा, ओडिशा में 22 से 26 मई तक और तेलंगाना में 23 मई को रात में भी गर्म हवाएं चलेंगी, जिससे घरों के अंदर भारी उमस और बेचैनी का माहौल रहेगा.
झुलसाती गर्मी के बीच स्काईमेट के मशहूर मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने एक बड़ी और सुकून देने वाली खुशखबरी शेयर की है. उन्होंने बताया कि भले ही देश का आधे से ज्यादा हिस्सा 47 और 48 डिग्री की भट्टी में तप रहा है, लेकिन पहाड़ों पर मौसम जल्द ही शानदार करवट लेगा. हिमालयी क्षेत्रों और पहाड़ी राज्यों में अच्छी बारिश होने की प्रबल संभावना है. यह बारिश न सिर्फ पहाड़ों को बल्कि वहां से आने वाली ठंडी हवाओं के जरिए मैदानी इलाकों को भी राहत देगी.
महेश पहलावत के पूर्वानुमान के अनुसार, मैदानी इलाकों के लोगों के लिए भी आसमान में थोड़ी उम्मीद बची है. पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में जल्द ही बारिश की संभावना बन रही है. इसके साथ ही, दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर बादल गरज सकते हैं. हल्की बारिश की फुहारें पड़ सकती हैं. उत्तर-पश्चिमी राजस्थान, दिल्ली और यूपी के कुछ हिस्सों में धूल भरी तेज आंधी आ सकती है. इसके अलावा बिहार के तराई वाले जिलों में भी बारिश का अनुमान जताया गया है.<br />महेश पहलावत के पूर्वानुमान के अनुसार, मैदानी इलाकों के लोगों के लिए भी आसमान में थोड़ी उम्मीद बची है. पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में जल्द ही बारिश की संभावना बन रही है. इसके साथ ही, दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर बादल गरज सकते हैं. हल्की बारिश की फुहारें पड़ सकती हैं. उत्तर-पश्चिमी राजस्थान, दिल्ली और यूपी के कुछ हिस्सों में धूल भरी तेज आंधी आ सकती है. इसके अलावा बिहार के तराई वाले जिलों में भी बारिश का अनुमान जताया गया है.
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मानसून और प्री-मानसून की गतिविधियां तेजी से जोर पकड़ रही हैं. महेश पहलावत के मुताबिक, पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज और भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा. दक्षिण भारत में भी मानसूनी बादलों का डेरा रहेगा और झमाझम बारिश की गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिलेगी. हालांकि, दक्षिणी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा के साथ-साथ गुजरात और महाराष्ट्र के अधिकांश जिलों को फिलहाल तपती गर्मी का यह सितम सहना ही पड़ेगा.