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खान सर से लेकर अनएकेडमी तक… सरकारी नौकरी के गुरु हैं रांची...


रांची: झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हितेश मिश्रा सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले स्टूडेंट के बीच काफी लोकप्रिय है. वह इसलिए, क्योंकि एसएससी से लेकर जितने भी सरकारी एग्जाम होते हैं. वह सबकी तैयारी कराते हैं. इसके साथ ही वह ऑनलाइन भी पढ़ाते हैं. जहां पर एक-एक बार में एक-एक लाख बच्चे हितेश को ऑनलाइन ज्वाइन करते हैं. आइये जानते हैं उनके बारे में.

हितेश बताते हैं कि 20000 से अधिक बच्चे का तो उनके पास रिकॉर्ड है, जिन्होंने एग्जाम निकाला है और जबकि इससे भी अधिक हैं. उनके यूट्यूब में भी 20k तक फॉलोअर्स हैं. एक समय था जब एक क्लास का ₹120 मिलता था, आज समय है जब एक क्लास का ₹5000 तक लेते हैं. महीने की इनकम आज उनकी लाखों रुपये के ऊपर है. पर यहां तक पहुंचना इतना आसान नहीं था. उनके स्ट्रगल के दिन भी काफी मुश्किल भरे थे.

कभी 150 रुपए के लिए दर-दर रहे थे भटक

हितेश बताते हैं कि पहले एक क्लास के लिए 150 रुपए मिलते थे, लेकिन यही क्लास लेने के लिए इधर-उधर भटकते रहते थे, कभी मौका मिलता तो कभी नहीं मिलता, लेकिन उन्होंने अपना काम नहीं छोड़ा, एकदम इमानदारी से पढ़ाते चले आए. मेरी कोशिश यह रहती थी कि बच्चों के कॉन्सेप्ट एकदम क्लियर किया जाए. ऐसा क्लियर कर दो की सवाल चाहे जहां से भी आ जाए उनके लिए कोई बड़ी बात ना रहे.

उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे मेरे बच्चे एग्जाम निकालने लगे और बच्चे खुद डिमांड करने लगे कि हमें हितेश सर से ही पढ़ना है. ऐसे में मुझे और भी क्लास मिलने लगे और डिमांड बढ़ती चली गई. आज आलम यह है कि दिल्ली, नोएडा, पटना क्लास लेने जाते हैं. उन्होंने खान स्टडी सर्किल से लेकर अनअकैडमी और जितने भी देश के नामी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म हैं, उन सब में पढ़ा चुके हैं.

कोई ऐसा राज्य नहीं, जहां पर हमारे स्टूडेंट नहीं

हितेश बताते हैं कि आज वह जहां जाते हैं, दिल्ली से लेकर कन्याकुमारी, मुंबई से लेकर पटना, वहां-वहां हमारे स्टूडेंट किसी न किसी पोस्ट पर बैठे हुए हैं. यह देखकर अच्छा लगता है कि पूरे भारत में हमारे स्टूडेंट किसी न किसी पद पर हैं. उनके पढ़ाए 20,000 से अधिक बच्चे एग्जाम निकाल चुके हैं, इससे भी अधिक ही होंगे. हर दिन ऑनलाइन क्लास भी लेते हैं. जहां यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर 60,000 से अधिक बच्चे डायरेक्ट जुड़ते हैं और उनके पूरे क्लास को देखते हैं. कभी-कभी तो यह लाखों पार होता है.

वह आगे बताते हैं कि उन्होंने अपनी सारी एजुकेशन रांची से पूरी की है. वह सिर्फ ग्रेजुएट हैं, इससे अधिक और कुछ नहीं. क्योंकि , मुझे पढ़ाने का बड़ा शौक था. खासतौर पर रीजनिंग में मुझे महारत हासिल थी. इसलिए उन्होंने पढ़ाना शुरू किया. हालांकि, कुछ मजबूरी भी थी जो आगे पढ़ने से रोक रही थी, पैसे कमाने जरूरी थे, पर आज आलम यह है कि मेरे पास टाइम नहीं है. इसके बावजूद 2-4 ऑफर हमेशा मेरे टेबल पर पड़े रहते हैं.



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