भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

पलामू में किसानों के लिए बन रहा ‘सुपर फार्म’, हाईटेक इंटीग्रेटेड फार्मिंम...


Last Updated:

झारखंड के पलामू जिले के बसौरा में तैयार हो रहा इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल किसानों के लिए नई उम्मीद बन रहा है. जिला प्रशासन की पहल पर विकसित इस मॉडल फार्म में एक ही जगह पर खेती, पशुपालन, मछली पालन, मशरूम उत्पादन, नर्सरी, फलदार पौधों की खेती और हैचरी जैसी कई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती से जोड़कर कम लागत में ज्यादा मुनाफा दिलाना है.

पलामू: झारखंड के पलामू जिले के बसौरा में तैयार किया जा रहा इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल किसानों के लिए नई उम्मीद बनता जा रहा है. जिला प्रशासन की पहल पर विकसित हो रहे इस मॉडल फार्म में खेती, पशुपालन, मछली पालन, मशरूम उत्पादन, नर्सरी, फलदार पौधों की खेती और हैचरी जैसी कई गतिविधियों को एक साथ जोड़ा जा रहा है. करीब 12 एकड़ में तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक के जरिए कम लागत में ज्यादा मुनाफा दिलाना है.

उत्पादन प्रणाली की जानकारी
फिलहाल इस फार्म की 3 एकड़ जमीन पर मूंग की खेती की जा रही है. किसान शकुंतला देवी ने बताया कि पहले यहां धान की खेती हुई थी, जिसके बाद अब मूंग लगाया गया है. उन्होंने कहा कि इस मॉडल के जरिए किसानों को एक ही जगह पर कई तरह की खेती और उत्पादन प्रणाली की जानकारी मिलेगी. खेतों में सब्जियों की खेती के साथ फलदार पौधे भी लगाए गए हैं. इनमें सेब, अनार, स्ट्रॉबेरी और ड्रैगन फ्रूट जैसे पौधे शामिल हैं. पौधों की सिंचाई और देखभाल आधुनिक तकनीक से की जा रही है.

मशरूम उत्पादन यूनिट और लैब
बसौरा फार्म में 200 फीट बाई 200 फीट का बड़ा तालाब बनाया गया है, जहां मछली पालन किया जाएगा. वहीं मुर्गी पालन के लिए शेड और चिक हॉर्डिंग सेंटर भी तैयार किया जा रहा है. यहां हैचरी यूनिट की स्थापना की जा रही है, जहां अंडों से चूजे तैयार किए जाएंगे. इसके अलावा मशरूम उत्पादन यूनिट और मशरूम लैब भी बनाई जा रही है.

ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण
किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी देने के लिए ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है. यहां कोल्ड स्टोरेज की सुविधा भी उपलब्ध होगी, ताकि किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने में मदद मिल सके.

बहुउद्देशीय खेती के लिए अनुकूल
पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने बताया कि बसौरा की मिट्टी और तापमान आधुनिक और बहुउद्देशीय खेती के लिए काफी अनुकूल है. इसी वजह से यहां इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल विकसित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भूमि संरक्षण विभाग तालाब निर्माण, उद्यान विभाग पौधों और नर्सरी, मत्स्य विभाग मछली पालन और जेएसएलपीएस चिक हॉर्डिंग सेंटर विकसित कर रहा है.

परियोजना किसानों के लिए प्रशिक्षण
उपायुक्त ने बताया कि अगले एक साल में यह पूरा मॉडल पूरी तरह शुरू हो जाएगा. यह परियोजना किसानों के लिए प्रशिक्षण, रोजगार और आधुनिक खेती का बड़ा केंद्र बनेगी. आने वाले समय में बसौरा फार्म पलामू ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए सीख और प्रेरणा का केंद्र बन सकता है.

About the Author

Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top