![]()
लोअर बाजार थाना क्षेत्र स्थित सेंटेविटा हॉस्पिटल में गॉलब्लैडर के ऑपरेशन के लिए भर्ती झारखंड विधानसभा की कर्मी अंजना तिवारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह झारखंड विधानसभा में कनीय सचिवालय सहायक के पद पर कार्यरत थीं। परिजनों के अनुसार, अंजना 24 मई को गॉलब्लैडर का ऑपरेशन कराने के लिए सेंटेविटा हॉस्पिटल में भर्ती हुई थीं। उनका इलाज डॉ. राजेश कुमार मारू की देखरेख में चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान आर्टरी पंचर हो जाने से अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया, जिससे स्थिति बिगड़ गई। मृतका के भैंसूर सुनील शुक्ला ने बताया कि डॉक्टर की लापरवाही से मरीज गंभीर हुई। अंजना के पति दीपक शुक्ला का पहले ही देहांत हो चुका है। अंजना 16 साल की बेटी के साथ हरिहर सिंह रोड में रहती थीं। मां के बाद बेटी अब अकेली हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही दिन में अंजना को 6 यूनिट ब्लड और 2 यूनिट प्लाज्मा चढ़ाया गया। सुधार नहीं होने पर कार्डियक समस्या का हवाला देकर रात करीब 10 बजे उन्हें महावीर मणिपाल हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद सुनील ने लोअर बाजार थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। पति नहीं हैं , बेटी साथ रहती थी मृतक के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का लगाया आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल प्रबंधन ने मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया तो पीड़ित परिजन शव लेकर विधासभा पहुंच गए व कर्मियों की मौजूदगी में प्रदर्शन किया। पीड़ित परिजनों का कहना था कि अंजना को पहले से किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं थी। वह सिर्फ गॉलब्लैडर का ऑपरेशन कराने के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थी। मरीज की स्थिति बिगड़ी तो डॉक्टर ने पल्ला झाड़ा।
Source link