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जमशेदपुर के दलमा पहाड़ी पर 2750 फीट की ऊंचाई पर एक रहस्यमयी वैदिक कुआं है. इस कुएं का पानी वॉटर प्यूरीफायर से भी ज्यादा शुद्ध और मीठा है. यह कुआं भीषण गर्मी में भी कभी नहीं सूखता है. इसके प्राकृतिक गुणों और धार्मिक महत्व के कारण दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पानी पीने आते हैं.
जमशेदपुरः जमशेदपुर की पहचान सिर्फ उद्योग और प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां कई ऐसे धार्मिक और रहस्यमयी स्थल भी मौजूद हैं जो लोगों की आस्था का केंद्र बने हुए हैं. इन्हीं में से एक है दलमा पहाड़ी की लगभग 2750 फीट ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध वैदिक कुआं, जिसे देखने और इसका पानी पीने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऊंची पहाड़ी पर स्थित होने के बावजूद यह कुआं सालों से कभी सूखा नहीं है, जो लोगों के लिए आज भी आश्चर्य का विषय बना हुआ है.
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच इस कुएं को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं. कहा जाता है कि यह कुआं काफी प्राचीन है और इसका पानी प्राकृतिक रूप से इतना शुद्ध तथा मीठा है कि इसे पीने से शरीर को लाभ मिलता है. पहाड़ की चोटी पर स्थित होने के बावजूद इसमें सालभर पर्याप्त मात्रा में पानी बना रहता है. लोगों का मानना है कि प्रकृति की गोद में बसे इस कुएं का जल विशेष गुणों से भरपूर है, इसलिए इसे वैदिक कुआं कहा जाता है.
श्रद्धालु जरूर पीते हैं इस कुएं का पानी
मंदिर के पुजारी शिवचरण बाबा बताते हैं कि दलमा पहाड़ी पर दर्शन के लिए आने वाले अधिकांश श्रद्धालु इस कुएं का पानी अवश्य पीते हैं. उनके अनुसार, कई लोग तो पानी पीने के साथ-साथ अपने घर भी लेकर जाते हैं. शिवचरण बाबा कहते हैं कि पहाड़ी के बीच स्थित होने के कारण यहां न तो प्रदूषण है और न ही धूल-मिट्टी का असर, जिससे पानी पूरी तरह स्वच्छ और प्राकृतिक बना रहता है. उनका मानना है कि इतना ठंडा, मीठा और ताजगी भरा पानी शायद ही किसी अन्य स्थान पर आसानी से मिल सके.
वैदिक कुएं की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्राकृतिक स्थिति है. चारों ओर हरियाली, शांत वातावरण और स्वच्छ हवा के बीच स्थित यह कुआं श्रद्धालुओं को अलग ही अनुभव देता है. यहां पहुंचने वाले लोगों को न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है, बल्कि प्रकृति के बेहद करीब होने का एहसास भी होता है. यही कारण है कि यह स्थान धार्मिक महत्व के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है.
पानी में मिठास और शुद्धता
श्रद्धालु अमरजीत सिंह और उनके परिवार का कहना है कि वे अक्सर दलमा मंदिर आते हैं और हर बार वैदिक कुएं का पानी जरूर पीते हैं. उनका मानना है कि इस पानी की मिठास और शुद्धता किसी भी आधुनिक वॉटर प्यूरीफायर से मिलने वाले पानी से अलग है. वे बताते हैं कि परिवार के सदस्य यहां से पानी भरकर अपने घर भी ले जाते हैं क्योंकि उन्हें इसकी गुणवत्ता पर पूरा भरोसा है.
आस्था, प्रकृति और रहस्य का अद्भुत संगम बना दलमा पहाड़ी का वैदिक कुआं आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र है. इसकी अनोखी विशेषताएं और वर्षों से निरंतर बहती जलधारा इसे जमशेदपुर के सबसे चर्चित धार्मिक स्थलों में से एक बनाती हैं. यही वजह है कि यह वैदिक कुआं पूरे शहर में अपनी अलग पहचान रखता है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.