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बगोदर | खोरठा भाषा के प्रख्यात जन साहित्यकार, कवि, लोकगायक सुकुमार जी के आकस्मिक निधन पर रविवार को बगोदर बस पड़ाव में शोक सभा हुई। साहित्यप्रेमी, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता जुटे। उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की शुरुआत एक मिनट के मौन से हुई। इसके बाद लोगों ने पुष्प अर्पित किए। खोरठा जनभाषा केंद्र के संयोजक, सहायक अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जनकवि सुकुमार जी ने पूरा जीवन भाषा, साहित्य, लोकसंस्कृति के संरक्षण, संवर्धन को समर्पित किया। उनका जन्म बोकारो जिले के भेंडरा गांव में हुआ था। उनकी उम्र 70 वर्ष थी। उनकी विचारधारा, अधूरे काम को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। शोक सभा में हेमलाल महतो, सुधीर प्रसाद, कुंजलाल महतो, जितेंद्र महतो, पुरन कुमार महतो, संतोष कुमार रजक, किशोर महतो, इमरान नजीर, पंकज कुमार महतो, विवेक मंडल, पप्पू कुमार रूपेश, भोला स्वर्णकार, खगेंद्र महतो, संतोष कुमार सोनी, शंकर यादव, गुड्डू सिंह, प्रेम कुमार, रमेश महतो, बाबू कुमार समेत दर्जनों लोग मौजूद थे।
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