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RBI Gold Reserve : ब्लूमबर्ग ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि आरबीआई अपने गोल्ड रिजर्व में से 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेच सकता है. इन पैसों का इस्तेमाल विदेशी मुद्रा जैसे डॉलर को खरीदने में किया जाएगा. अगर ऐसा होता है तो रिजर्व बैंक का गोल्ड रिजर्व करीब 83 टन कम हो जाएगा.
रुपये की गिरावट को थामने के लिए आरबीआई सोना बेच सकता है.
नई दिल्ली. ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर इस कदर असर डाल दिया है कि रिजर्व बैंक को अपने खजाने से अरबों डॉलर का सोना बेचना पड़ सकता है. ब्लूमबर्ग के इकनॉमिस्ट का कहना है कि मिडल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से भारतीय करेंसी पर काफी दबाव पड़ रहा है. करेंसी में गिरावट की वजह से देश का आयात बिल भी लगातार बढ़ता जा रहा है. अब इस दोहरी मुसीबत से निपटने के लिए रिजर्व बैंक को अपने खजाने में से कई टन सोना बेचकर विदेशी मुद्रा खरीदनी पड़ सकती है.
ब्लूमबर्ग के हवाले से मनीकंट्रोल ने बताया है कि आरबीआई को अपने गोल्ड रिजर्व में से करीब 12 अरब डॉलर (1.20 लाख करोड़ रुपये) मूल्य का सोना बेचना पड़ सकता है. ब्लूमबर्ग के भारतीय इकनॉमिस्ट अभिषेक गुप्ता का कहना है कि 22 मई से शुरू हुए सप्ताह से लेकर अगले 2 हफ्ते में आरबीआई 12 अरब डॉलर का सोना बेचकर उन पैसों से विदेशी मुद्रा की खरीद कर सकता है. उन्होंने अनुमान लगाया कि आरबीआई करीब 7.5 अरब डॉलर खर्च करके विदेशी मुद्रा की संपत्तियां खरीद सकता है.
क्यों आई सोना बेचने की नौबत
अभिषेक गुप्ता का कहना है कि सरकार की ओर से पिछले दिनों सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाए जाने के बाद आरबीआई के रिजर्व में मौजूद बुलियन की कीमत बढ़ गई है. साथ ही डॉलर के मूल्य में भी बढ़ोतरी दिख रही है. यही वजह है कि रिजर्व बैंक को सोना बेचने की सलाह दी गई है. एक्सपर्ट का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अभी रुपये में गिरावट के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की वजह महंगे तेल के आयात का बोझ भी झेल रही है. ऐसे में रिजर्व बैंक चालू खाते के घाटे के दबाव से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने पर जोर दे रहा है. यही वजह है कि अपने खजाने में से सोने को बेचकर डॉलर खरीदने पर दांव लगाने की मंशा है.
कर्ज भी हो सकता है महंगा
ब्लूमबर्ग ने पहले ही रिपोर्ट दी थी कि आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा रुपये को स्थिर करने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. इसमें रेपो रेट बढ़ाने से लेकर विदेशी निवेशकों से डॉलर जुटाना तक शामिल है. आरबीआई के अभी तक उठाए गए कदमों की वजह से ही रुपये में थोड़ी मजबूती आई है. 20 मई को यह एशिया की सबसे कमजोर करेंसी बनकर ऑल टाइम डाउन हो गया था, लेकिन मंगलवार को यह 0.20 फीसदी की गिरावट के साथ 95.17 रुपये पर दिख रहा है. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्रूड आयातक देश है, लेकिन मिडल ईस्ट में मचे कोहराम की वजह से भारत का खजाना तेल खरीदने पर तेजी से खाली हो रहा है.
आरबीआई के पास कितना सोना
रिजर्व बैंक के पास मार्च, 2026 तक करीब 880.52 मीट्रिक टन सोने का भंडार रहा, जिसमें से 77 फीसदी सोना देश में ही रखा हुआ है. 6 महीने पहले तक देश में आरबीआई के कुल गोल्ड भंडार का 66 फीसदी था, लेकिन इस दौरान रिजर्व बैंक ने 10 फीसदी रिजर्व और बढ़ा दिया है. देश का शेष 23 फीसदी सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट के पास रखा हुआ है. अगर रिजर्व बैंक इसमें से 12 अरब डॉलर कीमत का सोना बेचता है तो यह वजन में करीब 82.6 मीट्रिक टन के आसपास होगा. ग्लोबल मार्केट में सोने का भाव अभी 4,500 डॉलर प्रति औंस चल रहा है. इसी भाव से 12 अरब डॉलर में करीब 83 टन सोना आएगा. अगर यह बिक्री होती है तो आरबीआई के पास 797.50 मीट्रिक टन सोने का भंडार बचेगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें