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Firhad Hakim Resigns As Kolkata Mayor After Mamata: पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार के संकट के बीच कभी ‘चुनाव आयोग के पैर तोड़ने’ की धमकी देने वाले कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम पूरी तरह शांत पड़ गए हैं. बीजेपी सरकार की धमक और टीएमसी में 58 विधायकों की ऐतिहासिक टूट के बाद अब वह बस अपनी जान बचाने में जुट गए हैं.
कभी मंच से जहर उगलने वाले फिरहाद हकीम की राजनीति का क्या होने वाला है अंत.
Firhad Hakim Resigns: पश्चिम बंगाल की सियासत में कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम की चर्चा तेज हो गई है. फिरहाद हकीम जो ऐसा आदमी जिसकी ममता राज में ऐसी तूती बोलती थी कि बस जुबान जहर ही उगलती थी. बयानों से ‘आग उगलने वाले’ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सबसे विवादित चेहरे के तौर पर लोग उन्हें जानते हैं. लेकिन बीजेपी की सत्ता आते ही अब उनके तेवर पूरी तरह ठंडे पड़ चुके हैं. कभी मंचों से खुलेआम केंद्रीय एजेंसियों, चुनाव आयोग और बीजेपी को घुटनों पर लाने की हुंकार भरने वाले हकीम अब राजनीति में सिर्फ अपनी ‘सेफ एग्जिट’ की गुहार लगा रहे हैं. बंगाल में ममता बनर्जी के राजनैतिक साम्राज्य में आई इस भीषण दरार और बीजेपी की बढ़ती ताकत के बीच फिरहाद हकीम अब चुपचाप कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा देने की सोच रहे हैं. मंगलवार रात से उनके इस्तीफ की बात भी होने लगी है. कल वे विधानसभा में बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के साथ भी देखे गए थे, जिसने सबको चौंका दिया.