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शिक्षा में पारंपरिक संवाद के साथ एआई तकनीक भी जरूरी : मधुसूदन



जमुआ|जमुआ प्रखंड में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की बैठक गुरुवार को राजकुमार राय की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में प्रखंड भर से आए आंदोलनकारियों ने आगामी 10 जून को रांची में आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाग लेने का सामूहिक संकल्प लिया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी आंदोलनकारी 9 जून की रात को ही अपने-अपने वाहनों अथवा उपलब्ध साधनों से रांची के लिए प्रस्थान करेंगे। इसके साथ ही, संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने तथा प्रखंड स्तर पर नए पदाधिकारियों का चयन कर इसकी सूची जिला संघर्ष मोर्चा को भेजने पर भी सहमति बनी। इस अवसर पर हरिहर प्रसाद पुरी, रामदेव कुमार वर्मा, कामदेव कुमार प्रसाद चौधरी, रवि कुमार, राजेंद्र कुमार राम, रविंद्र कुमार सिंह, नजीर उद्दीन, मो. मतीन, मो. लियाकत अंसारी, अरुण कुमार सिंह, लहू पांडेय समेत कई प्रमुख आंदोलनकारी उपस्थित थे। भास्कर न्यूज |गिरिडीह गिरिडीह कॉलेज में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत आयोजित छह दिवसीय कार्यशाला का तीसरा दिन गुरुवार को ज्ञानवर्धक एवं संवादपरक सत्रों के साथ संपन्न हुआ। यह कार्यशाला विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग तथा आईयूसीटीई, बीएचयू के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। चार सत्रों में आयोजित कार्यक्रम के पहले दो सत्रों के विषय विशेषज्ञ हैदराबाद विश्वविद्यालय के शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. जेवी मधुसूदन थे। उन्होंने “भारतीय ज्ञान परंपरा और शिक्षण” विषय पर चर्चा करते हुए पारंपरिक कक्षा शिक्षण प्रणाली और आधुनिक ऑनलाइन शिक्षण पद्धति के सैद्धांतिक व व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। प्रो. मधुसूदन ने कहा कि वर्तमान समय में ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा के बढ़ते महत्व को समझना आवश्यक है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कक्षा आधारित शिक्षण में शिक्षक और छात्र के बीच प्रत्यक्ष संवाद और बेहतर जुड़ाव संभव होता है, जो सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सार्थक बनाता है। उन्होंने दोनों प्रणालियों के संतुलित उपयोग पर बल दिया। सत्र के समापन पर प्रो. बालेंदु शेखर त्रिपाठी ने प्रो. मधुसूदन के गहन अध्ययन, प्रभावशाली व्याख्यान शैली और विषय की स्पष्ट समझ की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। तीसरा सत्र ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें आईयूसीटीई, बीएचयू की सहायक प्राध्यापक डॉ. कुशाग्री सिंह ने अध्ययन-अध्यापन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका और उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एआई शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है और शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक साबित हो सकता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बलभद्र ने किया। प्राचार्य डॉ. मृगेन्द्र नारायण सिंह ने विषय विशेषज्ञों, विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्रतिभागी शिक्षकों तथा गिरिडीह कॉलेज के शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला में लंगटा बाबा कॉलेज मिर्जागंज, आदर्श कॉलेज राजधनवार, के.एन. बख्शी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, स्कॉलर बीएड कॉलेज, सुभाष टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, पारसनाथ कॉलेज ईसरी बाजार सहित आदि थे। कार्यक्रम में शामिल प्रोफेसर व अन्य।



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