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100-50 नहीं, डूबते लोगों के लिए 500 बार फरिश्ता बन चुके हैं...


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Jamshedpur Famous Water Rescue Hero: जमशेदपुर के स्कूबा डाइवर और टाटा स्टील सिक्योरिटी सर्विसेज के सब इंस्पेक्टर मजहरूल बारी ने आज तक करीब 500 से ज्यादा लोगों की जान बचाई है. समय मिलने पर वे लोगों को जल सुरक्षा ट्रेनिंग भी देते हैं. उनका कहना है कि सावधानी ही बचाव है, बेवजह की लापरवाही कई बार जान पर भारी पड़ जाती है.

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जमशेदपुर. जमशेदपुर के जाने-माने स्कूबा डाइवर, लाइफ सेवर और टाटा स्टील सिक्योरिटी सर्विसेज में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत मजहरूल बारी आज हजारों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं. वर्षों से जल सुरक्षा और रेस्क्यू कार्यों से जुड़े मजहरूल बारी अब तक 500 से अधिक लोगों को नदी, तालाब, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और अन्य जल स्रोतों से सुरक्षित बाहर निकाल चुके हैं. इसके अलावा, वे 100 से अधिक डूबने के मामलों में सफल रेस्क्यू ऑपरेशन का हिस्सा रह चुके हैं. उनकी तत्परता, अनुभव और साहस के कारण कई परिवारों की खुशियां बच सकी हैं.

ट्रेनिंग भी देते हैं
मजहरूल बारी का मानना है कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए केवल आधुनिक उपकरण जरूरी नहीं होते, बल्कि सही जानकारी, समझदारी और समय पर लिया गया फैसला भी लोगों की जान बचा सकता है. यही कारण है कि जब भी उन्हें अपने काम से समय मिलता है, वे जिला प्रशासन और अपनी टीम के साथ अलग-अलग जगहों पर जाकर लोगों को जल सुरक्षा और रेस्क्यू की ट्रेनिंग देते हैं.

सीमित संसाधन में कैसे करें रेस्क्यू
हाल ही में उन्होंने जमशेदपुर के डिमना लेक में एक खास रेस्क्यू प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें युवाओं और आम लोगों को बताया गया कि सीमित संसाधनों में भी किस तरह डूबते व्यक्ति की मदद की जा सकती है. उन्होंने प्रदर्शन के जरिए समझाया कि डंडा, रस्सी, ट्यूब और लाइफ जैकेट जैसी सामान्य चीजों का इस्तेमाल कर प्रभावी रेस्क्यू किया जा सकता है.

ऐसे की जा सकती है मदद
प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि अगर दो ट्यूब में हवा भरकर उनके बीच लकड़ी या स्ट्रेचर जैसी कोई मजबूत चीज बांध दी जाए, तो वह एक अस्थायी तैरता स्ट्रेचर बन सकता है. इसी तरह 3 से 4 लाइफ जैकेट को रस्सी और लकड़ी की मदद से जोड़कर भी एक सुरक्षित तैरने वाला प्लेटफॉर्म तैयार किया जा सकता है, जिसकी मदद से डूबते व्यक्ति तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है.

आपात स्थिति में आती हैं काम
मजहरूल बारी ने लोगों को यह भी सलाह दी कि यदि वे किसी झरने, नदी, तालाब या अन्य जल स्रोत वाले पर्यटन स्थल पर घूमने जा रहे हैं, तो अपने वाहन में 2 से 3 लाइफ जैकेट, एक मजबूत रस्सी और कुछ खाली प्लास्टिक की बोतलें या कैन जरूर रखें. आपात स्थिति में ये साधारण चीजें किसी की जान बचाने में बेहद काम आ सकती हैं.

सावधानी ही बचाव
उन्होंने युवाओं से खास अपील करते हुए कहा कि बिना जानकारी और सुरक्षा के किसी भी गहरे जल क्षेत्र में प्रवेश न करें. जिस जगह की गहराई, जलधारा या स्थिति की जानकारी न हो, वहां बेवजह जोखिम लेने से बचना चाहिए. उनका कहना है कि सतर्कता, जागरूकता और सही प्रशिक्षण ही जल दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे असरदार तरीका है.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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