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sitamarhi pupri farmers getting huge profit from himsagar mango cultivation tips


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सीतामढ़ी में इस आम की खेती से मालामाल हो रहे किसान, हर साल बंपर कमाई निश्चित

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Himsagar Mango Cultivation Sitamarhi Tips: सीतामढ़ी के पुपरी में पारंपरिक खेती छोड़ किसान अब हिमसागर आम की बागवानी से बंपर मुनाफा कमा रहे हैं. मालदा-बम्बई से भी मीठे और पूरी तरह रेशा रहित इस आम की खासियत यह है कि यह बिना किसी गैप के हर साल फलता है. जानिए प्रगतिशील किसान पप्पू ठाकुर से इस आम की खासियत और पौधे मिलने की जगह.

सीतामढ़ी: सीतामढ़ी जिले में पारंपरिक खेती से अलग हटकर किसान अब आम की बागवानी में नए प्रयोग कर रहे हैं. जिले के पुपरी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में इन दिनों हिमसागर प्रजाति के आम की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है. अपनी मनमोहक खुशबू, रसीले स्वाद और पूरी तरह से रेशा रहित गूदे के कारण इस आम ने स्थानीय बाजार में अपनी एक खास और मजबूत पहचान बना ली है. क्षेत्र के प्रगतिशील किसान पप्पू ठाकुर पिछले कुछ समय से करीब डेढ़ एकड़ की भूमि पर हिमसागर आम के बगीचे की सफल खेती कर रहे हैं. उनके इस प्रयास को देखकर आसपास के अन्य किसान भी अब इस खास किस्म के आम के पौधे लगाने की ओर आकर्षित हो रहे हैं.

हिमसागर से हर सीजन में निश्चित आमदनी
​हिमसागर आम की सबसे बड़ी यूएसपी (विशेषता) इसका हर साल फल देना है. आमतौर पर मालदा और बम्बई जैसी आम की लोकप्रिय किस्में एक साल के अंतराल (गैप) पर फलती हैं. जिसे किसान ऑफ-ईयर और ऑन-ईयर कहते हैं. लेकिन हिमसागर के साथ ऐसा नहीं है. दसहरी और अम्रपाली की तरह ही हिमसागर के पेड़ों में भी नियमित रूप से हर वर्ष बंपर फल आते हैं. लगातार उत्पादन होने के कारण किसानों को हर सीजन में निश्चित आमदनी होती है. जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है. इस आम का पौधा लगाने के बाद महज पांच साल के भीतर ही फल देना शुरू कर देता है, जो व्यावसायिक दृष्टिकोण से किसानों के लिए बेहद फायदेमंद सौदा साबित हो रहा है.

दिखने में बम्बई जैसा, खाने में मालदा से सौ गुना बेहतर
​स्वाद और दिखावट के मामले में भी यह आम बेहद अनूठा और लाजवाब है. यह दिखने में बम्बई आम जैसा होता है, लेकिन इसका गूदा अंदर से एकदम गहरा और लाल होता है. स्थानीय किसानों का दावा है कि खाने के मामले में यह मालदा और बम्बई आम की तुलना में सौ गुना बेहतर, अत्यधिक मीठा और स्वादिष्ट है. इसके फल का आकार भी काफी अच्छा होता है. लगभग एक किलोग्राम वजन में चार से पांच आम चढ़ते हैं. इसका मतलब है कि एक आम का आकार इतना पर्याप्त होता है कि कोई एक व्यक्ति इसे खा ले तो उसका मन पूरी तरह तृप्त हो जाए. स्वाद के साथ-साथ यह स्वास्थ्य के लिहाज से भी काफी सेहतमंद और फायदेमंद माना जाता है.

यहां ले सकते हैं हिमसागर के पौधे
​किसानों के लिए मुनाफे को बढ़ाने के लिए अब क्षेत्र में ही बड़े पैमाने पर इसकी ग्राफ्टिंग (कलम तैयार करना) का कार्य भी शुरू कर दिया गया है. किसान पप्पू ठाकुर के अनुसार, जो भी लोग इस बेहतरीन प्रजाति की बागवानी करना चाहते हैं, उनके लिए उनके यहां हिमसागर के उन्नत पौधे भी आसानी से उपलब्ध हैं. इस प्रकार, सीतामढ़ी के पुपरी में हिमसागर आम न केवल अपनी मिठास से लोगों का दिल जीत रहा है, बल्कि नियमित और बेहतर उत्पादन के जरिए किसानों के जीवन में समृद्धि की नई मिठास घोल रहा है. कृषि क्षेत्र में इस तरह के आत्मनिर्भर प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय हैं.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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