भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

कांग्रेस का विधायकों को कोयंबटूर भेजने का प्रस्ताव सीएम ने नकारा, कहा-अभी...




रांची| झारखंड के राज्यसभा चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ की चर्चा तेज हो गई हैं। बाहर से एकजुट दिखने वाले इंडिया गठबंधन के भीतर क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग की गहरी आशंकाएं पनप रही हैं। इसी सिलसिले में 7 जून की रात मुख्यमंत्री आवास में गठबंधन की बैठक हुई। इसमें कांग्रेस नेतृत्व ने विधायकों को संभावित राजनीतिक तोड़फोड़ से बचाने के लिए मतदान तक कोयंबटूर जैसे स्थान पर भेजने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पर असहमति जताते हुए कहा कि राज्य में वर्तमान में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है, इसलिए विधायकों को 8-9 दिनों तक बाहर रखना उचित नहीं होगा। बिहार से सबक: यदि गठबंधन के दलों में पूर्ण सामंजस्य होता, तो विधायकों की बाड़ेबंदी की नौबत नहीं आती। कांग्रेस को विशेष रूप से अपने, राजद और माले के विधायकों को लेकर चिंता है। हाल ही में बिहार के राज्यसभा चुनाव में राजद विधायकों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग के उदाहरण ने झारखंड के नेताओं को और अधिक सतर्क कर दिया है। कांग्रेस की अलग रणनीति: राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि मुख्यमंत्री विधायकों को बाहर भेजने पर सहमत नहीं होते हैं, तो कांग्रेस अपने विधायकों को अलग से सुरक्षित घेरे में ले सकती है। यह कदम जहां एक तरफ कांग्रेस के लिए राजनीतिक सुरक्षा कवच बनेगा, वहीं दूसरी तरफ झामुमो के साथ गठबंधन में अविश्वास की खाई को और गहरा कर सकता है। अब सबकी नजरें मतदान के दिन तक गठबंधन के हर एक कदम पर टिकी हैं।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top